जहरीली शराब की त्रासदी के बाद भी नहीं थमा अवैध कारोबार, पुलिस की छापेमारी में एक गिरफ्तार

मुरार थाना क्षेत्र के अमसारी गांव की अनुसूचित बस्ती एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद यहां देसी शराब का निर्माण और बिक्री थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल बना हुआ है।

जहरीली शराब की त्रासदी के बाद भी नहीं थमा अवैध कारोबार, पुलिस की छापेमारी में एक गिरफ्तार

केटी न्यूज/डुमरांव

मुरार थाना क्षेत्र के अमसारी गांव की अनुसूचित बस्ती एक बार फिर अवैध शराब के कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद यहां देसी शराब का निर्माण और बिक्री थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल बना हुआ है।शनिवार की सुबह पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई। इस दौरान 15 लीटर देसी शराब बरामद की गई और मौके से धंधेबाज राकेश मुसहर को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।थानाध्यक्ष नेहा कुमारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शराबबंदी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन कुछ लोग अब भी चोरी-छिपे इस धंधे में लिप्त हैं।

गौरतलब है कि इसी गांव में करीब चार वर्ष पूर्व जहरीली शराब पीने से आधा दर्जन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था, बावजूद इसके आज भी हालात पूरी तरह नहीं बदले हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की छापेमारी के बावजूद अवैध शराब का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है।स्थिति यह दर्शाती है कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सतत निगरानी और सामाजिक जागरूकता भी जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी त्रासदी को रोका जा सके।