शहादत की विरासत से समाज को एकजुट होने का आह्वान
चौसा में युवा खरवार महासभा के तत्वावधान में वीर स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर की 168वीं शहादत दिवस श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकजुटता के संदेश के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी रही, जहां वीर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।

केटी न्यूज/बक्सर :
चौसा में युवा खरवार महासभा के तत्वावधान में वीर स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर की 168वीं शहादत दिवस श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकजुटता के संदेश के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी रही, जहां वीर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपक खरवार ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला परिषद सदस्य डॉ. मनोज कुमार यादव मौजूद रहे। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर केवल इतिहास के नायक नहीं, बल्कि आज भी समाज को दिशा देने वाले प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने आदिवासी समाज को संगठित कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और अन्याय के विरुद्ध लड़ने का साहस दिखाया।

वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष को याद करते हुए बताया कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान दोनों भाइयों ने पलामू क्षेत्र में गुरिल्ला युद्ध का नेतृत्व किया और ब्रिटिश शासन को कड़ी चुनौती दी। उनकी बढ़ती ताकत से घबराकर अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार कर 28 मार्च 1859 को लेस्लीगंज में फांसी दे दी। उनकी शहादत को स्मरण करते हुए हर वर्ष इस दिन को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।कार्यक्रम के दौरान समाज के युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने और शिक्षा, संगठन व जागरूकता के माध्यम से समाज के विकास में योगदान देने की अपील की गई। साथ ही सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।इस अवसर पर ललन खरवार, हीरालाल खरवार, जवाहिर खरवार, परमानंद, भरत, अवध खरवार, गुड्डू और हरिहर खरवार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन समाज के उत्थान के लिए मिलकर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।

