चारों ओर पैरवी करतारू, दिमाग ठिकाना लगा देबी, कह फफक पड़ी बुढ़िया... बोले एसपी मेडिकल रिपोर्ट की करें जांच
कोरानसराय थाना परिसर में गुरूवार को आयोजित पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के जनता दरबार में फरियादियों का दर्द खुलकर सामने आया। यह जनता दरबार सिर्फ शिकायत सुनने का मंच नहीं रहा, बल्कि जमीन विवादों में पुलिस की भूमिका, थानास्तर पर कथित लापरवाही, मारपीट के मामलों में कमजोर कार्रवाई और पारिवारिक उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मुद्दों पर तीखे सवालों का केंद्र बन गया। बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने एक के बाद एक ऐसे मामले रखे, जिन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर कर दी।
-- कोरानसराय थाने में आयोजित एसपी के जनता दरबार में फूटा फरियादियों का गुस्सा, जमीन से परिवार तक उठे गंभीर सवाल
-- कोरानसराय थाना में एसपी के सामने पुलिस कार्यशैली, जमीन कब्जा, मारपीट और पारिवारिक उत्पीड़न के मामलों की खुली परतें
केटी न्यूज/डुमरांव
कोरानसराय थाना परिसर में गुरूवार को आयोजित पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के जनता दरबार में फरियादियों का दर्द खुलकर सामने आया। यह जनता दरबार सिर्फ शिकायत सुनने का मंच नहीं रहा, बल्कि जमीन विवादों में पुलिस की भूमिका, थानास्तर पर कथित लापरवाही, मारपीट के मामलों में कमजोर कार्रवाई और पारिवारिक उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मुद्दों पर तीखे सवालों का केंद्र बन गया। बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने एक के बाद एक ऐसे मामले रखे, जिन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर कर दी।जनता दरबार की शुरुआत में ही यह साफ हो गया कि क्षेत्र में सबसे गंभीर और जटिल समस्या जमीन विवाद है। कई फरियादियों ने आरोप लगाया कि उनकी अपनी रैयती जमीन पर ही दबंगों द्वारा जबरन दखल दिया जा रहा है और शिकायत करने पर उल्टे उन्हें ही परेशान किया जाता है।

-- रास्ता बंद, आवाजाही ठप, फिर भी कार्रवाई शून्य
स्थानीय थाना क्षेत्र की महिला गायत्री देवी ने एसपी के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए बताया कि कुछ नामजद लोगों ने मिट्टी डालकर उनका रास्ता बंद कर दिया है। इससे न केवल उनका बल्कि पूरे परिवार का आवागमन बाधित हो गया है। उन्होंने कहा कि कई बार थाना और अन्य कार्यालयों में शिकायत करने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिला की बात सुनते ही एसपी शुभम आर्य ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल स्थल जांच कर सच्चाई सामने लाने का निर्देश दिया। एसपी ने स्पष्ट कहा कि रास्ता रोकना गंभीर मामला है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

-- अपनी ही जमीन पर कब्जे से रोकने पर धमकी का आरोप
जनता दरबार का सबसे गंभीर और चर्चित मामला रविन्द्र मिश्रा ने उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी रैयती जमीन पर कुछ नामजद लोग जबरन कब्जा कर रहे हैं और जब वे इसका विरोध करते हैं तो उन्हें ही फंसाने की धमकी दी जाती है। रविन्द्र मिश्रा ने बताया कि उनके पास कुल 96 डिसमिल जमीन है, जिसमें से 30 फीट हिस्से की विधिवत घेराबंदी कराई गई है। इसके बावजूद कभी गोबर रख दिया जाता है तो कभी मड़ई बनाकर अवैध कब्जा किया जाता है।उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन बचाने के लिए जब उन्होंने बाउंड्री कराई, तो दबंगों ने उस पर भी आपत्ति जताई। कई बार अंचल कार्यालय और थाना में आवेदन देने के बाद भी समाधान नहीं हुआ।

उल्टे शांति भंग के नाम पर कभी धारा 107 तो कभी 144 लगा दी जाती है। सबसे गंभीर आरोप यह रहा कि थानाध्यक्ष द्वारा उन्हें ही केस में फंसाने की धमकी दी जाती है।एसपी शुभम आर्य ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष को अंचलाधिकारी से समन्वय कर सभी दस्तावेजों की गहन जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने साफ कहा कि यदि जमीन का स्वामित्व रविन्द्र मिश्रा का सिद्ध होता है और कोई उनके अधिकार में बाधा डाल रहा है तो नामजद लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।

--एएसआई व उसकी मां ने कोरानसराय थानाध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
जनता दरबार में बीते दिनों हुए एक गंभीर मारपीट का मामला भी गूंजा। पीड़िता बालकेश्वरी देवी और उनके पुत्र, जो सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) अमित कुमार सिंह हैं, ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद को लेकर कोरानसराय मठिया के पास उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी। पीड़ितों ने दावा किया कि जान से मारने की कोशिश की गई और दोनों के हाथ टूट गए।पीड़ित पक्ष का आरोप था कि पुलिस ने इस मामले को हल्के में लिया और गंभीर धाराओं को हटा दिया गया। जब वे न्याय की मांग लेकर थाना जाते हैं तो उन्हें धमकाया जाता है।

एएसआई अमित की मां बालकेश्वरी ने जनता दरबार में एसपी से यहां तक कहा कि थानाध्यक्ष कहती है कि चारों ओर पैरवी करतारू, दिमाग ठिकाना लगा देबी...।इस पर थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी ने एसपी को बताया कि जिस धारा में मामला दर्ज हुआ था, उसी में चार्जशीट दाखिल की गई है। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद एसपी ने पूरे मामले की पुनः जांच का आदेश दिया। उन्होंने पीड़िता से इंजुरी रिपोर्ट मांगी और स्पष्ट किया कि बिना दबाव और पक्षपात के निष्पक्ष कार्रवाई होगी।

-- पति को पत्नी से मिलने से रोके जाने का मामला
जनता दरबार में पारिवारिक विवाद का एक भावनात्मक मामला भी सामने आया। मुंगांव निवासी रोहन कुमार ने आरोप लगाया कि उनके ससुर उन्हें उनकी पत्नी से मिलने नहीं दे रहे हैं। रोहन ने बताया कि डुमरांव में कोचिंग के दौरान प्रेम विवाह हुआ था। बाद में दोनों परिवारों की सहमति से सामाजिक रूप से शादी भी कराई गई और उनका एक बेटा भी है।इसके बावजूद ससुराल पक्ष उन्हें प्रताड़ित कर रहा है। जब भी वह पत्नी से मिलने जाते हैं तो ससुर द्वारा उन्हें थाने में पकड़वा दिया जाता है और पत्नी को भी उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है। इस मामले में एसपी ने जांच कर दोनों पक्षों से बात कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया।

-- एसपी का सख्त संदेश
जनता दरबार के अंत में एसपी शुभम आर्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी फरियादी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने थानास्तर पर शिकायतों को गंभीरता से लेने, जमीन विवादों में निष्पक्षता बरतने और पीड़ितों को डराने-धमकाने की शिकायतों को बर्दाश्त न करने की बात कही। एसपी ने साफ संकेत दिया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत मंशा सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय है।कोरानसराय थाना का यह जनता दरबार सिर्फ शिकायतों का मंच नहीं, बल्कि व्यवस्था को आईना दिखाने वाला मंच बनकर सामने आया, जहां आम लोगों ने अपने हक और न्याय के लिए खुलकर आवाज बुलंद की।
