उपमुख्यमंत्री जी, बक्सर में भाजपा नेता प्रदीप राय ही है भू-माफिया, क्या करेंगे कार्रवाई -पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह

बक्सर जिले में कथित भू-माफियागीरी को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सोहनीपट्टी निवासी सुदामाजी उपाध्याय और राजनकांत उपाध्याय ने जिले के चर्चित भाजपा नेता सह होटल व्यवसायी प्रदीप राय पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने, जबरन कब्जा करने और अवैध निर्माण कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

उपमुख्यमंत्री जी, बक्सर में भाजपा नेता प्रदीप राय  ही है भू-माफिया, क्या करेंगे कार्रवाई -पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह

-- बक्सर के चर्चित भाजपा नेता सह होटल व्यवसायी प्रदीप राय पर दो लोगों ने जबरन जमीन कब्जाने का लगाया आरोप

-- डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने पीड़ितों के साथ डीएम को सौंपा ज्ञापन

केटी न्यूज/बक्सर।

बक्सर जिले में कथित भू-माफियागीरी को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सोहनीपट्टी निवासी सुदामाजी उपाध्याय और राजनकांत उपाध्याय ने जिले के चर्चित भाजपा नेता सह होटल व्यवसायी प्रदीप राय पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने, जबरन कब्जा करने और अवैध निर्माण कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यही नहीं दोनों ने भाजपा नेता से अपनी जान को भी खतरा बताया है। दोनों पीड़ितों ने डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।

पीड़ित सुदामा जी उपाध्याय का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी छह कट्ठा जमीन, जो नया बस स्टैंड बाइपास रोड पर एक होटल के ठीक पीछे स्थित है, उसे फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा कर कब्जा लिया गया है। उन्होंने बताया कि खाता संख्या 71/42 और प्लॉट संख्या 321/938 की यह भूमि कभी भी उनके या उनके परिवार द्वारा किसी को बेची नहीं गई। इसके बावजूद भाजपा नेता प्रदीप राय और अखिलेश राय ने जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण शुरू कर दिया। सुदामा जी उपाध्याय ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी मां स्वर्गीय शिवपुजनी देवी का फर्जी अंगूठा निशान लगाकर एक तथाकथित स्वीकृति पत्र तैयार किया गया। जबकि उनकी मां का निधन 30 नवंबर 2013 को ही हो चुका था और दस्तावेज में 4 नवंबर 2016 की तारीख दर्शाई गई है। इसी फर्जी कागजात के आधार पर चार कट्ठा जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और पूरे छह कट्ठा पर कब्जा जमा लिया गया।

उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सिविल कोर्ट, बक्सर में फर्जीवाड़ा और दस्तावेजों की जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 467 और 471 के तहत संज्ञान लेते हुए 20 दिसंबर 2025 को प्रदीप राय और अखिलेश राय के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है। इसके बावजूद कब्जा हटाने की दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, उल्टे उन्हें और उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं।

वहीं दूसरे पीड़ित राजनकांत उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2006 में 20 कट्ठा जमीन खरीदी थी, जिसमें से 2009 में तीन कट्ठा जमीन बेच दी गई थी। शेष 17 कट्ठा जमीन लालगंज मौजा में स्थित है, जिसका खाता संख्या 137/115 और प्लॉट संख्या 653/485 है। आरोप है कि इस जमीन पर भी भाजपा नेता प्रदीप राय ने जबरन कब्जा कर लिया है और उसे अपने बिरला ओपेन माइंड्स स्कूल के खेल मैदान में शामिल कर लिया है। राजनकांत ने कहा कि जमीन की वर्तमान रसीद उनके नाम से कट रही है, इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।

इस पूरे मामले पर डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सह भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा भू-माफियाओं की सूची बनाकर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब आरोप सीधे एक भाजपा नेता पर हैं, तो क्या सुशासन की सरकार में उन पर भी कार्रवाई होगी? उन्होंने कहा कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। फिलहाल दोनों पीड़ितों ने प्रशासन से अवैध कब्जा और निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर कब और क्या कदम उठाता है।