केन्द्रीय कारा बक्सर में प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता का संगम, डीएम साहिला ने बदली जेल सुधार की तस्वीर

केन्द्रीय कारा, बक्सर में शुक्रवार को प्रशासनिक निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जेल सुधार की दिशा में एक स्पष्ट और सख्त संदेश बनकर सामने आया। जिलाधिकारी साहिला के निरीक्षण कार्यक्रम और बंदी दरबार ने यह साफ कर दिया कि अब जेल व्यवस्था केवल दंड तक सीमित नहीं, बल्कि सुधार, स्वास्थ्य, मानसिक विकास और आत्मनिर्भरता की ठोस प्रयोगशाला बनेगी।

केन्द्रीय कारा बक्सर में प्रशासनिक सख्ती और संवेदनशीलता का संगम, डीएम साहिला ने बदली जेल सुधार की तस्वीर

-- औषधि पार्क, ओपन जिम से लेकर ‘मुक्ति ब्रांड’ तक, बंदी सुधार, आत्मनिर्भरता और जवाबदेही पर डीएम का फोकस

केटी न्यूज/बक्सर

केन्द्रीय कारा, बक्सर में शुक्रवार को प्रशासनिक निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जेल सुधार की दिशा में एक स्पष्ट और सख्त संदेश बनकर सामने आया। जिलाधिकारी साहिला के निरीक्षण कार्यक्रम और बंदी दरबार ने यह साफ कर दिया कि अब जेल व्यवस्था केवल दंड तक सीमित नहीं, बल्कि सुधार, स्वास्थ्य, मानसिक विकास और आत्मनिर्भरता की ठोस प्रयोगशाला बनेगी।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया गया, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने प्रतीकात्मकता से आगे बढ़ते हुए सुधारात्मक पहलों का उद्घाटन कर दिया। कारा परिसर में नव अधिष्ठापित च्यवन ऋषि औषधि पार्क और ओपन जिम का फीता काटकर उद्घाटन करते हुए उन्होंने बंदियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिक एजेंडे में रखा।

-- 51 औषधीय पौधों से आत्मचिंतन का संदेश

औषधि पार्क में तुलसी, एलोवेरा, लाल चंदन, हींग, आंवला, लौंग सहित कुल 51 प्रकार के औषधीय पौधों का रोपण किया गया है। यह पहल केवल हरियाली नहीं, बल्कि बंदियों को प्रकृति, संयम और स्वास्थ्य से जोड़ने का प्रयास है। डीएम साहिला ने स्पष्ट संकेत दिया कि जेल सुधार का रास्ता आत्मचिंतन और सकारात्मक गतिविधियों से होकर जाता है।

-- बंदी दरबार में सीधी सुनवाई, त्वरित समाधान के निर्देश

इसके उपरांत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बंदी दरबार में 12 बंदियों ने लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी समस्याएं रखीं। पुलिस उपाधीक्षक, भवन प्रमंडल, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने बिना किसी टालमटोल के संबंधित विभागों को नियमानुकूल और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी बंदी आवेदन के माध्यम से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं।

-- जेल निर्माणशाला बनेगी आत्मनिर्भरता की मिसाल

निरीक्षण के दौरान डीएम ने कारा में संचालित निर्माणशालाओं का गहन निरीक्षण किया। वस्त्र, बढ़ईगीरी, सिलाई, मसाला पाउडर, कास्टिक, लाइफर साबुन और फिनाइल निर्माण जैसी इकाइयों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने इन गतिविधियों को विस्तृत पैमाने पर लागू करने का निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की जरूरत के अनुसार उत्पाद तैयार कर उन्हें ‘मुक्ति ब्रांड’ के तहत आउटलेट से बेचा जाए। यह कदम बंदियों को कौशल, सम्मानजनक श्रम और भविष्य की आजीविका से जोड़ने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

-- जेल के भीतर सुविधाओं की कड़ी जांच

जिलाधिकारी ने कारा रेडियो दोस्ती, सैलून, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, टेलीफोन बूथ और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। इसके साथ ही कारा अस्पताल, पाकशाला और साफ-सफाई व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। निर्माणाधीन बंदी बैरक की प्रगति पर असंतोष जताते हुए उन्होंने कार्य में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

-- स्पष्ट संदेश, सुधार में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी साहिला ने दो टूक कहा कि बंदियों को नियमानुसार मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएं। स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास में किसी भी तरह की लापरवाही पर जिम्मेदारी तय होगी।यह निरीक्षण कार्यक्रम बताता है कि केन्द्रीय कारा बक्सर अब केवल कैद की जगह नहीं, बल्कि सुधार, जवाबदेही और पुनर्वास का मॉडल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसकी कमान खुद जिलाधिकारी ने मजबूती से थाम रखी है।