प्रतियोगिता के इस दौड़ में कठिन परिश्रम के साथ अनुशासन का होना भी जरूरी है - महेश ठाकुर

सोमवार को राइजिंग सन इंटरनेशनल स्कूल डुमरांव के प्रांगण ने स्पेल बी, स्पीच, कैरियर प्लान, क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन डुमरांव थानाध्यक्ष संजय सिंन्हा, महिला थानाध्यक्ष प्रतिभा कुमारी, स्कूल के चेयरमैन महेश ठाकुर व निदेशक ब्रह्मा ठाकुर, एमड़ी सिद्धार्थ ठाकुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

प्रतियोगिता के इस दौड़ में कठिन परिश्रम के साथ अनुशासन का होना भी जरूरी है - महेश ठाकुर

--  राइजिंग सन इंटरनेशनल स्कूल डुमरांव के प्रांगण ने स्पेल बी, स्पीच, कैरियर प्लान, क्वीज प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

-- महिला थाना ने  गुड टच व बैड टच में दी जानकारी बोली- किसी भी अनुचित स्पर्श या व्यवहार की स्थिति में तुरंत पुलिस या अपने परिजनों को सूचित करें 

केटी न्यूज/डुमरांव 

सोमवार को राइजिंग सन इंटरनेशनल स्कूल डुमरांव के प्रांगण ने स्पेल बी, स्पीच, कैरियर प्लान, क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन डुमरांव थानाध्यक्ष संजय सिंन्हा, महिला थानाध्यक्ष प्रतिभा कुमारी, स्कूल के चेयरमैन महेश ठाकुर व निदेशक ब्रह्मा ठाकुर, एमड़ी सिद्धार्थ ठाकुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।  इस मौके पर डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने कहा कि केवल स्कूल नहीं, अभिभावक की जागरूकता भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा जीवन की ऊंचाइयों को छुए। इसके लिए वे सबसे अच्छे स्कूल का चयन करते हैं और भारी-भरकम फीस भी भरते हैं, लेकिन क्या केवल एक अच्छे स्कूल में दाखिला करा देना ही माता-पिता की जिम्मेदारी का अंत है।

कड़वा सच तो यह है कि बच्चा सिर्फ स्कूल में नहीं बनता, वह घर और स्कूल के सामंजस्य से बनता है। कार्यक्रम में विद्यालय की छात्र प्रगन्या, साक्षी रिया, तृप्ती, श्रेयांश, ओमजी, सुर्यांश ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस मौके पर शिक्षकों में हुसैन सर, विप्लो दहल, सुशोभित, भुजेल, सजय मुर्मु सर ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के समापन्न में विद्यालय के एमडी सिद्धार्थ ठाकुर के द्वारा विजेता व उपविजेता छात्रों के बीच मोमेंटों वितरण किया गया। वहीं प्राचार्य एस. वेंकटाशन के आर्शीवचनों से कार्यक्रम का समान्न हुआ। 

-- छात्राओं को बताया गया गुड टच व बैड टच

बक्सर महिला थानाध्यक्ष प्रतिभा कुमारी ने छात्राओं को सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गयी। पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के निर्देश पर राइजिंग सन इंटरनेशल स्कूल में मुख्य उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में थानों की एंटी रोमियो टीमों ने विद्यालयों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर छात्राओं और बालिकाओं को ’’गुड टच-बैड टच’’ के बारे में जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनुचित स्पर्श या व्यवहार की स्थिति में तुरंत पुलिस या अपने परिजनों को सूचित करें।

महिला पुलिस टीम ने सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह भी दी। बच्चों और महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार के अनुचित स्पर्श, उत्पीड़न या शोषण के मामलों में पोक्सो एक्ट के तहत कठोर दंड, जिसमें फांसी तक की सजा का प्रावधान है, लागू किया जाता है। छात्राओं को यह भी जागरूक किया गया कि घटना घटित होने पर बिना किसी भय के तुरंत थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराएं। छात्राओं को यह भरोसा दिलाया गया कि ऐसे मामलों में सरकार, आयोग एवं पुलिस प्रशासन पूर्ण दृढ़ता और संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों की सहायता करता है। साथ ही अपराध की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराने हेतु टोल-फ्री नंबरों के बारे में भी अवगत कराया गया। 

-- बेहतर शिक्षा के लिए स्कूल के साथ अभिभावक को भी जरूरी है जागरूक होना 

शिक्षा के बदलते स्तर के बाद अभिभावकों को अपने बच्चों के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। शिक्षा में अभिभावक को रूचि लेनी चाहिए ताकि उनके बच्चे भी सही रास्ते को अख्तियार कर सकें। आज के बदलते परिवेश में शिक्षा का स्तर काफी उपर चला गया है इसलिए प्रतियोगिता के इस दौड़ में कठिन परिश्रम के साथ अनुशासन का होना भी जरूरी है। यह बातें राइजिंग सन इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन महेश ठाकुर ने कहीं। उन्होंने कहा कि इसके लिए बच्चों को अंग्रेजी, मैथ, जीके के अलावा साइंस विषय की भी पुख्ता जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए किसी अच्छे संस्थान में जाकर बेहतर शिक्षकों से प्रेरणा लेकर उसका अनुकरण करना चाहिए।

ऐसा करने वाले छात्र ही सफलता की सीढ़ी तक पहुंचते हैं। महेश ठाकुर ने कहा कि इंग्लिश मजबूत करने का सबसे छोटा रूप वर्ड पावर है। वर्ड से ही मिलाकर आप संटेंश बना सकते हैं। यदि वर्ड आपको मालूम होगा तो उससे संटेंश भी आपको समझ में आएगा। जिन्हें अंग्रेजी पढ़ना-लिखना आ गया उनका अंग्रेजी मजबूत हो जाएगा। प्रतिदिन अपने से किसी भी टापिक पर 20 शब्द लिखने का अभ्यास करें। बिना सही गलत की परवाह किए। ठाकुर ने कहा कि इंटरव्यू की तैयारी में किसी भी स्टूडेंट का बात-विचार करने का तरीका, रहन-सहन, पहचाना, आत्मविश्वास को देखा जाता है। ज्ञान का चेक लिखित परीक्षा में ही हो जाता है। अगर इंटरव्यू फेस करना है तो अपने आप को हर समय उसी पोस्टर और पहनावा के साथ रहने का प्रयास करें।