शहरी क्षेत्रों में वंशावली निर्गत की स्पष्ट व्यवस्था, अंचलाधिकारी बने सक्षम प्राधिकारी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा वंशावली निर्गत करने की प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति को समाप्त कर दिया गया है। विभाग के पत्रांक 08/विविध पत्राचार (वंशावली) 545 दिनांक 24 दिसंबर 2025 के आलोक में नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने हेतु सक्षम प्राधिकारी निर्धारित कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
-- नगर निगम, नगर परिषद व नगर पंचायत के नागरिकों को मिलेगी पारदर्शी व त्वरित सेवा
केटी न्यूज/बक्सर
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा वंशावली निर्गत करने की प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति को समाप्त कर दिया गया है। विभाग के पत्रांक 08/विविध पत्राचार (वंशावली) 545 दिनांक 24 दिसंबर 2025 के आलोक में नगर निकाय क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने हेतु सक्षम प्राधिकारी निर्धारित कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

अपर समाहर्ता (एडीएम) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अब नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों की वंशावली निर्गत करने का अधिकार संबंधित अंचल क्षेत्र के अंचलाधिकारी को दिया गया है। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में वंशावली से संबंधित अधिकारिक अस्पष्टता का पूर्णतः समाधान हो गया है।
-- ग्रामीण-शहरी व्यवस्था में आया संतुलन
एडीएम श्री सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही सरपंच द्वारा वंशावली निर्गत किए जाने की व्यवस्था लागू है, लेकिन शहरी क्षेत्रों में अब तक इस विषय में कोई स्पष्ट नियम नहीं होने के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। वंशावली जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के लिए नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी होती थी।

उन्होंने बताया कि इस विषय पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा विधिक परामर्श लिया गया। सभी पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि शहरी क्षेत्रों में अंचलाधिकारी को वंशावली निर्गत करने का सक्षम प्राधिकारी बनाया जाए, ताकि प्रक्रिया सरल, स्पष्ट और पारदर्शी हो सके।
-- नागरिकों को मिलेगी त्वरित व पारदर्शी सेवा
एडीएम अरुण कुमार सिंह ने कहा कि इस निर्णय से नगर क्षेत्रों के आम नागरिकों को वंशावली प्राप्त करने में सुविधा, पारदर्शिता और त्वरित सेवा सुनिश्चित होगी। अब लोगों को अनावश्यक भटकाव, दलालों की शरण या लंबे विलंब का सामना नहीं करना पड़ेगा। एक ही सक्षम प्राधिकारी के होने से जवाबदेही भी तय होगी और शिकायतों में कमी आएगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। साथ ही भविष्य में यदि व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं तो आवश्यकतानुसार इसकी समीक्षा कर संशोधन भी किया जा सकता है, ताकि व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

-- प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश
जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नई व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही आम नागरिकों को इस बदलाव की व्यापक जानकारी देने के लिए भी कहा गया है, ताकि लोग सही प्राधिकारी के पास जाकर समय पर वंशावली प्राप्त कर सकें।प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे शहरी क्षेत्रों में प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास और सुगमता दोनों को मजबूती मिलेगी।
