नफरत की राजनीति के खिलाफ संघर्ष तेज करेगा इंसाफ मंच

भाकपा माले कार्यालय में गुरुवार को इंसाफ मंच की बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश में बढ़ती सांप्रदायिकता, नफरत और विभाजनकारी राजनीति को लेकर चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनजागरूकता अभियान को तेज करने की जरूरत है।

नफरत की राजनीति के खिलाफ संघर्ष तेज करेगा इंसाफ मंच

__ सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के विरोध में बैठक, संविधान और सामाजिक सौहार्द की रक्षा का लिया संकल्प

केटी न्यूज/डुमरांव। 

भाकपा माले कार्यालय में गुरुवार को इंसाफ मंच की बैठक आयोजित की गई। बैठक में देश में बढ़ती सांप्रदायिकता, नफरत और विभाजनकारी राजनीति को लेकर चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनजागरूकता अभियान को तेज करने की जरूरत है।

बैठक में इंसाफ मंच के नेताओं ने कहा कि समाज में धार्मिक आधार पर बढ़ती दूरी देश की साझा विरासत के लिए चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में सभी समुदायों ने मिलकर संघर्ष किया और कुर्बानियां दीं। ऐसे में धर्म और समुदाय के नाम पर समाज को बांटने की कोशिशों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाना जरूरी है।

वक्ताओं ने भाजपा और आरएसएस की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति से आम जनता की बुनियादी समस्याएं पीछे छूट रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता को नफरत और विभाजन नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, समान अवसर, सम्मान और सामाजिक न्याय चाहिए।

बैठक में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाने पर जोर दिया गया। नेताओं ने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतों को एकजुट होकर काम करना होगा। इसके लिए गांव और शहर स्तर पर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने तथा नफरत फैलाने वाली राजनीति के खिलाफ शांतिपूर्ण संघर्ष को मजबूत करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में इंसाफ मंच के राज्य सचिव कॉमरेड कयामुद्दीन अंसारी, जिला सचिव कॉमरेड नवीन कुमार, मो. नासिर हसन, जाबिर कुरैशी, महफूज आलम, नगर सचिव कृष्णा राम, भगवान दास, कन्हैया पासवान सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।