संबल योजना से जवाहर गोंड को मिली आत्मनिर्भरता की राह, अब मोटरराइज्ड ट्राईसाइकिल से आसान होगा सफर
दिव्यांगता अब जवाहर गोंड की राह में पहले जैसी बाधा नहीं बनेगी। संबल योजना के तहत मोटरराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से उनके लिए आवागमन आसान होने के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह भी खुली है। जिला प्रशासन बक्सर की इस पहल से न केवल उन्हें दैनिक कार्यों में सहूलियत मिलेगी, बल्कि दूसरों पर निर्भरता भी कम होगी।

__ दिव्यांगता के कारण आवागमन में होती थी परेशानी, बुनियाद केंद्र डुमरांव के माध्यम से जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराया सहायक उपकरण
केटी न्यूज/बक्सर।
दिव्यांगता अब जवाहर गोंड की राह में पहले जैसी बाधा नहीं बनेगी। संबल योजना के तहत मोटरराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से उनके लिए आवागमन आसान होने के साथ आत्मनिर्भरता की नई राह भी खुली है। जिला प्रशासन बक्सर की इस पहल से न केवल उन्हें दैनिक कार्यों में सहूलियत मिलेगी, बल्कि दूसरों पर निर्भरता भी कम होगी।जानकारी के अनुसार, डुमरांव के पुराना भोजपुर निवासी जवाहर गोंड एक पैर से दिव्यांग हैं। इसके कारण उन्हें रोजमर्रा के जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आवागमन की परेशानी के चलते कई बार उन्हें दूसरों की सहायता पर निर्भर रहना पड़ता था। ऐसे में मोटरराइज्ड ट्राईसाइकिल की उपलब्धता उनके लिए बड़ी राहत बनकर आई है।

__ सहायक उपकरण से बढ़ेगी गतिशीलता
संबल योजना के तहत 28 अक्टूबर 2026 को बुनियाद केंद्र, डुमरांव के माध्यम से जवाहर गोंड को मोटरराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। इस उपकरण की मदद से अब वे पहले की तुलना में अधिक आसानी से अपने आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन कर सकेंगे। साथ ही दैनिक गतिविधियों को पूरा करने में सुविधा मिलेगी और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने का अवसर भी बढ़ेगा।

__ दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
जिला प्रशासन बक्सर की ओर से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। संबल योजना के तहत सहायक उपकरण उपलब्ध कराना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसी पहल दिव्यांगजनों की गतिशीलता बढ़ाने के साथ उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने में मददगार साबित हो सकती है।मोटरराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने पर जवाहर गोंड ने जिला प्रशासन बक्सर और बुनियाद केंद्र, डुमरांव के प्रति आभार व्यक्त किया। जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायता और सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


