किताबों से आगे बढ़ेगी पढ़ाई, ओलंपियाड से परखेंगे बच्चों की प्रतिभा

सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, डिजिटल सुरक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की पहल तेज हो गई है। मिशन ज्ञानार्जन के तहत बक्सर के विद्यालयों में पठन संस्कृति विकसित करने, बच्चों की प्रतिभा निखारने और उन्हें जीवनोपयोगी शिक्षा से जोड़ने की रणनीति तैयार की गई है।

किताबों से आगे बढ़ेगी पढ़ाई, ओलंपियाड से परखेंगे बच्चों की प्रतिभा

__ मिशन ज्ञानार्जन को धार देने में जुटा जिला प्रशासन, 50 मॉडल स्कूलों में बनेंगे रीडिंग कॉर्नर; नवंबर से ओलंपियाड की तैयारी और दिसंबर में वार्षिक समारोह

केटी न्यूज/बक्सर। 

सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, डिजिटल सुरक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की पहल तेज हो गई है। मिशन ज्ञानार्जन के तहत बक्सर के विद्यालयों में पठन संस्कृति विकसित करने, बच्चों की प्रतिभा निखारने और उन्हें जीवनोपयोगी शिक्षा से जोड़ने की रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत 50 चयनित मॉडल विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे, जबकि ओलंपियाड में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए एक नवंबर से विशेष क्रैश कोर्स शुरू होगा। इन योजनाओं की समीक्षा डीएम साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में हुई।बैठक में डीएम ने संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिया कि योजनाओं को कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनका धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। विद्यालयों में संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी, दस्तावेजीकरण और निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।

__ 50 स्कूलों में बनेगा रीडिंग कॉर्नर, किताबों से बढ़ेगा जुड़ाव

विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए जिले के 50 चयनित मॉडल विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर स्थापित किए जाएंगे। मिशन कायाकल्प के तहत इस कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों को पाठ्यपुस्तकों के अलावा ज्ञानवर्धक पुस्तकों के अध्ययन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ने की क्षमता, ज्ञान और सीखने की रुचि को बढ़ाना है।

__ एक नवंबर से ओलंपियाड की तैयारी, 20-22 दिन चलेगा क्रैश कोर्स

ओलंपियाड प्रतियोगिता में विद्यार्थियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए जिले के प्रत्येक प्रखंड से प्रतिभागियों का चयन किया गया है। चिह्नित विद्यालयों में एक नवंबर 2026 से लगभग 20 से 22 दिनों का क्रैश कोर्स संचालित होगा। इसके बाद सभी प्रखंडों के विद्यार्थियों के बीच प्रतियोगिता आयोजित कर प्रदर्शन के आधार पर प्रखंडवार रैंकिंग निर्धारित की जाएगी। प्रशासन का जोर विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करने और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने पर है।

__ किताबी ज्ञान के साथ मिलेगी जीवन की सीख

सभी मॉडल विद्यालयों में स्थानीय ज्ञान दिवस आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है। प्रत्येक माह बैगलेस डे पर शिक्षक-अभिभावक बैठक के साथ स्थानीय स्तर पर अनुभवी और प्रेरणादायी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। किसान, मैकेनिक, कलाकार, आशा कार्यकर्ता और जीविका दीदियां बच्चों से अपने अनुभव साझा करेंगी। इससे विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों, कार्यकुशलता और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलेगा।

__साइबर सुरक्षा से लैंगिक समानता तक होगी चर्चा

विद्यालयों में लैंगिक संवेदनशीलता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों को लैंगिक समानता, महिलाओं के प्रति सम्मान, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, साइबर बुलिंग और सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल की जानकारी देंगे। एआई के लाभ, उपयोग और संभावित जोखिमों से भी बच्चों को परिचित कराया जाएगा।

दिसंबर में वार्षिक समारोह, गतिविधियों की होगी निगरानी

जिले के विद्यालयों में दिसंबर में वार्षिक समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसे शिक्षक-अभिभावक गोष्ठी के दिन आयोजित करने की योजना है, ताकि विद्यार्थियों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच मिल सके। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और मॉडल विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण से जुड़ी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाएगी। अधिकारियों को फोटोग्राफ और वीडियो निर्धारित व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा करने तथा सीएम फेलो को प्राप्त प्रतिवेदनों का जिला स्तर पर संकलन करने का निर्देश दिया गया है।बैठक में उप विकास आयुक्त, वरीय उप समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सीएम फेलो और विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को समन्वय के साथ योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।