वार्ड 18 में नगर परिषद की बड़ी लापरवाही, सालभर से जाम नाली बनी मोहल्लेवासियों की मुसीबत

डुमरांव नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल वार्ड 18 स्थित कमल नगर मोहल्ले में खुलकर सामने आ गई है। हर माह सफाई के नाम पर 90 लाख रुपये से अधिक खर्च करने के बावजूद यहां पिछले एक साल से नाली की न तो सफाई हुई और न ही रख-रखाव। परिणामस्वरूप नाली का पानी पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे मोहल्ले के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

वार्ड 18 में नगर परिषद की बड़ी लापरवाही, सालभर से जाम नाली बनी मोहल्लेवासियों की मुसीबत

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल वार्ड 18 स्थित कमल नगर मोहल्ले में खुलकर सामने आ गई है। हर माह सफाई के नाम पर 90 लाख रुपये से अधिक खर्च करने के बावजूद यहां पिछले एक साल से नाली की न तो सफाई हुई और न ही रख-रखाव। परिणामस्वरूप नाली का पानी पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे मोहल्ले के लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।नाली में पानी का बहाव बंद होने से जमा पानी काला पड़ चुका है और उससे उठने वाली तेज दुर्गंध ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है।स्थिति यह है कि मोहल्लेवासी बाहर निकलते समय नाक-मुंह ढकने को मजबूर हैं।

साथ ही गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है, जिससे नगर परिषद प्रशासन के प्रति लोगों में भारी आक्रोश है।मोहल्लेवासियों के अनुसार समस्या की जड़ घटिया निर्माण है। पिछले साल महाराजा पेट्रोल पंप के सामने नाली के ऊपर स्लैब का निर्माण कराया गया था, लेकिन घटिया सामग्री के कारण स्लैब निर्माण के साथ ही टूट गया। टूटे स्लैब का मलबा नाली में गिरने से जलनिकासी पूरी तरह बाधित हो गई।इसका असर पेट्रोल पंप से लेकर कमल नगर और रेलवे स्टेशन जाने वाली गली तक दिखाई देता है, जहां अक्सर जलजमाव हो जाता है।

स्थानीय निवासी धीरज ठाकुर, पिंटू यादव, अनिल सिंह और छोटे सिंह का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्लैब टूटने से पेट्रोल पंप पर आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना रहता है और छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।स्लैब टूटने के बाद तत्कालीन ईओ मनीष कुमार ने संवेदक को दोबारा स्लैब निर्माण और नाली की सफाई का निर्देश दिया था, लेकिन संवेदक ने आदेश को नजरअंदाज कर दिया।वर्तमान ईओ राहुलधर दूबे ने बताया कि समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। उन्होंने सिटी मिशन मैनेजर स्तुति सिन्हा को जेई के साथ स्थल निरीक्षण कर तत्काल जलनिकासी बहाल कराने का निर्देश दिया है। ईओ के आश्वासन के बाद अब मोहल्लेवासियों को राहत की उम्मीद जगी है।