समृद्धि यात्रा में जीविका दीदियों को मिली करोड़ों की सहायता, 20 सिलाई केंद्रों का शुभारंभ
समृद्धि यात्रा के छठे चरण में बक्सर के आईटीआई ग्राउंड परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका से जुड़ी महिलाओं (दीदियों) को करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर जीविका दीदियों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया और उनके प्रयासों की सराहना की।

__ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा—महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
केटी न्यूज/बक्सर:
समृद्धि यात्रा के छठे चरण में बक्सर के आईटीआई ग्राउंड परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका से जुड़ी महिलाओं (दीदियों) को करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर जीविका दीदियों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया और उनके प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण, सामुदायिक निवेश निधि तथा आजीविका विस्तार के लिए वित्तीय सहयोग प्रदान किया गया।7859 स्वयं सहायता समूहों को 100 करोड़ रुपये का बैंक ऋण तथा 7441 समूहों को 37.17 करोड़ रुपये की सामुदायिक निवेश निधि का प्रतीकात्मक चेक सौंपा गया।


इसके साथ ही कस्टम हायरिंग सेंटर के अंतर्गत एक महिला ग्राम संगठन को कृषि यंत्र बैंक की प्रतीकात्मक चाभी भी प्रदान की गई।कार्यक्रम में विभिन्न आजीविका गतिविधियों की आकर्षक झलक देखने को मिली। अगरबत्ती निर्माण, सिलाई एवं रेडीमेड वस्त्र उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, वर्मी कम्पोस्ट, जैविक खेती, टेडी बियर निर्माण, हस्तशिल्प, आचार-पापड़, कालीन बुनाई, सेनेटरी पैड निर्माण जैसे उत्पादों ने सभी का ध्यान खींचा।इन गतिविधियों से जुड़ी महिलाएं आज प्रति माह 10 हजार से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।मुख्यमंत्री ने इस दौरान कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

इनमें नावानगर प्रखंड में सिलाई उत्पादन सह प्रशिक्षण केंद्र, चुरामनपुर में जीविका भवन स्थित सिलाई केंद्र तथा जिले के प्रत्येक प्रखंड में कुल 20 सिलाई केंद्रों का शुभारंभ शामिल है। इन केंद्रों से महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।बक्सर किला मैदान में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 6000 जीविका दीदियों से सीधा संवाद किया।उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में स्वयं सहायता समूहों की शुरुआत कर ‘जीविका’ नाम दिया गया था, जो आज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है।

मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 2 लाख 10 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।कार्यक्रम में जिले के सातों प्रखंडों से बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने भाग लिया। इस दौरान जिला परियोजना प्रबंधक दयानिधि चौबे सहित विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारी और जीविका कर्मी मौजूद रहे।समृद्धि यात्रा के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम बक्सर में महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास की दिशा में एक अहम कदम साबित हो रहा है।

