Monday, 2 November 2026
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डुमरांव में ‘लाइसेंस राज’ की हकीकत: 1052 दुकानों में सिर्फ 12 के पास ट्रेड लाइसेंस

डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में व्यापारिक प्रतिष्ठानों की बड़ी संख्या बिना ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रही है। नगर परिषद के हालिया आंकड़ों ने प्रशासन के साथ-साथ शहरवासियों को भी चौंका दिया है। नगर परिषद के अनुसार पूरे क्षेत्र में 1052 कमर्शियल प्रॉपर्टी चिन्हित की गई हैं, लेकिन इनमें से महज 12 प्रतिष्ठानों के पास ही वैध ट्रेड लाइसेंस है। यानी लगभग पूरा व्यापारिक तंत्र नियमों के बाहर चल रहा है।

डुमरांव में ‘लाइसेंस राज’ की हकीकत: 1052 दुकानों में सिर्फ 12 के पास ट्रेड लाइसेंस

__ नगर परिषद की सख्ती शुरू, 35 व्यवसायियों को नोटिस; सड़क किनारे मीट बिक्री पर भी कार्रवाई की चेतावनी

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव नगर परिषद क्षेत्र में व्यापारिक प्रतिष्ठानों की बड़ी संख्या बिना ट्रेड लाइसेंस के संचालित हो रही है। नगर परिषद के हालिया आंकड़ों ने प्रशासन के साथ-साथ शहरवासियों को भी चौंका दिया है। नगर परिषद के अनुसार पूरे क्षेत्र में 1052 कमर्शियल प्रॉपर्टी चिन्हित की गई हैं, लेकिन इनमें से महज 12 प्रतिष्ठानों के पास ही वैध ट्रेड लाइसेंस है। यानी लगभग पूरा व्यापारिक तंत्र नियमों के बाहर चल रहा है।नगर परिषद प्रशासन का मानना है कि इसी कारण हर वर्ष लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। पिछले दो वर्षों में शहर में कई नए मॉल और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश ने भी ट्रेड लाइसेंस नहीं लिया है और बिना अनुमति के संचालन कर रहे हैं।

डुमरांव में ‘लाइसेंस राज’ की हकीकत: 1052 दुकानों में सिर्फ 12 के पास ट्रेड लाइसेंस

इस स्थिति को देखते हुए नगर परिषद ने अब सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। गुरुवार को नगर परिषद की ओर से 35 दुकानदारों और मॉल संचालकों को ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए नोटिस जारी किया गया। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे ने बताया कि नोटिस प्राप्त दुकानदारों को एक सप्ताह के भीतर ट्रेड लाइसेंस बनवाना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के बाद भी लाइसेंस नहीं लेने पर बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डुमरांव में ‘लाइसेंस राज’ की हकीकत: 1052 दुकानों में सिर्फ 12 के पास ट्रेड लाइसेंस

__खुले में मीट बिक्री पर भी शिकंजा

नगर परिषद ने शहर में खुले में मीट और मांस बेचने वालों के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। खासकर राज हाई स्कूल के आसपास सड़क किनारे खुले में मीट-मांस बेचने वाले करीब 25 दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़क किनारे खुले में इस तरह का व्यवसाय अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई की जा सकती है।

डुमरांव में ‘लाइसेंस राज’ की हकीकत: 1052 दुकानों में सिर्फ 12 के पास ट्रेड लाइसेंस

__फिर उठा स्लॉटर हाउस का मुद्दा

मीट और मछली दुकानों को व्यवस्थित करने के लिए शहर में स्लॉटर हाउस के निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। जानकारी के अनुसार भट्टी रोड स्थित नगर परिषद का पुराना स्लॉटर हाउस वर्षों पहले बंद हो गया था और अब वह जर्जर हालत में खंडहर में बदल चुका है।जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में डुमरांव सामाजिक मंच के प्रदीप शरण ने पुराने स्लॉटर हाउस की मरम्मत कराने और शहर के सभी मीट-मछली दुकानदारों को वहीं स्थानांतरित करने की मांग उठाई थी।नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि स्लॉटर हाउस के मरम्मत कार्य को लेकर जूनियर इंजीनियर से सर्वे कराया गया है। सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि शहर में मीट और मछली की दुकानों को व्यवस्थित किया जा सके और स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।

डुमरांव में ‘लाइसेंस राज’ की हकीकत: 1052 दुकानों में सिर्फ 12 के पास ट्रेड लाइसेंस

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