मैट्रिक परीक्षा में टॉप टेन में आई लक्ष्मी कुमारी को श्रीराम ओझा मेमोरियल ट्रस्ट ने किया सम्मानित

ग्रामीण परिवेश की कठिनाइयों को पीछे छोड़ते हुए लक्ष्मी कुमारी ने जो सफलता हासिल की है, वह आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। मैट्रिक परीक्षा 2026 में बिहार स्तर पर आठवां स्थान, जिले में तीसरा और प्रखंड में प्रथम स्थान प्राप्त कर लक्ष्मी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के सामने संसाधनों की कमी कोई मायने नहीं रखती।

मैट्रिक परीक्षा में टॉप टेन में आई लक्ष्मी कुमारी को श्रीराम ओझा मेमोरियल ट्रस्ट ने किया सम्मानित

__ बिहार में टॉप-10 में जगह, यूपीएससी का सपना—सम्मान समारोह में गूंजा परिश्रम और हौसले का संदेश

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर

ग्रामीण परिवेश की कठिनाइयों को पीछे छोड़ते हुए लक्ष्मी कुमारी ने जो सफलता हासिल की है, वह आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। मैट्रिक परीक्षा 2026 में बिहार स्तर पर आठवां स्थान, जिले में तीसरा और प्रखंड में प्रथम स्थान प्राप्त कर लक्ष्मी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के सामने संसाधनों की कमी कोई मायने नहीं रखती।इस उपलब्धि के सम्मान में श्रीराम ओझा मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा एक विशेष समारोह आयोजित किया गया, जहां लक्ष्मी कुमारी को मेडल, प्रशस्ति पत्र, मेमेंटो, डायरी, पेन और घड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया।

समारोह का माहौल गर्व और उत्साह से भरा रहा, जहां उपस्थित लोगों ने तालियों की गूंज के साथ इस मेधावी छात्रा की सफलता का स्वागत किया।लक्ष्मी कुमारी की सफलता की कहानी केवल अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल भी है। एक साधारण परिवार से आने वाली लक्ष्मी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उनके पिता रविन्द्र प्रसाद एक प्राथमिक विद्यालय में प्राचार्य हैं, जिन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में हर संभव सहयोग दिया।सम्मान समारोह के दौरान लक्ष्मी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया।

उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा के बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। लक्ष्मी ने आगे कहा कि उनका सपना संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना है, ताकि समाज और देश की सेवा कर सकें।ट्रस्ट के अध्यक्ष शैलेश ओझा ने अपने संबोधन में कहा कि लक्ष्मी कुमारी ने यह दिखा दिया है कि अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो केवल उसे पहचानने और प्रोत्साहित करने की।उन्होंने आगे बताया कि श्रीराम ओझा मेमोरियल ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।

इस तरह के कार्यक्रम न केवल छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि अन्य बच्चों को भी मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं।इस मौके पर कई स्थानीय लोग, शिक्षक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिन्होंने लक्ष्मी की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया। सभी ने एक स्वर में कहा कि लक्ष्मी जैसी बेटियां समाज की असली ताकत हैं, जो आने वाले समय में देश का भविष्य संवारेंगी।लक्ष्मी कुमारी की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत संदेश है कि सपने चाहे कितने भी बड़े हों, उन्हें सच्ची मेहनत और दृढ़ संकल्प से जरूर पूरा किया जा सकता है।