जमीन विवाद ने लिया उग्र रूप, 44 लोगों पर एफआईआर; चार आरोपी जेल भेजे गए

पुराना भोजपुर में वर्षों से सुलग रहा जमीन विवाद शनिवार को उस समय खुलकर सामने आ गया जब प्रशासनिक मापी के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर कुल 44 नामजद एवं अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

जमीन विवाद ने लिया उग्र रूप, 44 लोगों पर एफआईआर; चार आरोपी जेल भेजे गए

__ मापी के दौरान भड़की हिंसा के बाद गांव में पुलिस की बढ़ी निगरानी, शेष आरोपियों की तलाश जारी

केटी न्यूज/डुमरांव

पुराना भोजपुर में वर्षों से सुलग रहा जमीन विवाद शनिवार को उस समय खुलकर सामने आ गया जब प्रशासनिक मापी के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर कुल 44 नामजद एवं अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों से दो-दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार लोगों में एक पक्ष के रामाकांत राम और पिंटू राम तथा दूसरे पक्ष के दिलवर यादव और अमीर यादव शामिल हैं।

सभी आरोपी पुराना भोजपुर गांव के निवासी बताए जाते हैं।जानकारी के अनुसार विवादित भूमि को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। मामले के समाधान के लिए अंचल प्रशासन की ओर से अमीन की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश कराई जा रही थी। इसी दौरान सीमांकन को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में तब्दील हो गई। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग चोटिल हो गए।सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष चंदन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आवेदन दिए गए।

अजय यादव ने 28 लोगों को नामजद करते हुए मामला दर्ज कराया, जबकि रामाकांत राम की ओर से 16 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है तथा किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।