भव्य कलश यात्रा के साथ लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का शुभारंभ, जयघोष से गूंजा कोरानसराय
कोरानसराय स्थित राधेकीर्तन ब्रह्म बाबा परिसर में आयोजित श्री श्री 108 विराट श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के अवसर पर मंगलवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। महायज्ञ के शुभारंभ पर निकाली गई भव्य कलश यात्रा में गांव समेत आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान पूरा कोरानसराय क्षेत्र भगवान के जयघोष और भक्ति गीतों से गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
__ हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी, पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर बढ़ाई आस्था की गरिमा
केटी न्यूज/डुमरांव:
कोरानसराय स्थित राधेकीर्तन ब्रह्म बाबा परिसर में आयोजित श्री श्री 108 विराट श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ के अवसर पर मंगलवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। महायज्ञ के शुभारंभ पर निकाली गई भव्य कलश यात्रा में गांव समेत आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा के दौरान पूरा कोरानसराय क्षेत्र भगवान के जयघोष और भक्ति गीतों से गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।कलश यात्रा की शुरुआत यज्ञ स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई।

इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुईं। श्रद्धालु महिलाओं की लंबी कतारें आस्था की भव्य तस्वीर पेश कर रही थीं। वहीं पुरुष श्रद्धालु भी भगवान के जयकारे लगाते और भक्ति गीत गाते हुए यात्रा में उत्साह के साथ शामिल रहे।ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ निकली यह भव्य यात्रा गांव के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पूरे कोरानसराय क्षेत्र का भ्रमण करती रही। यात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और श्रद्धा भाव से जल, फूल व प्रसाद अर्पित कर आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। कई स्थानों पर लोग घरों के बाहर खड़े होकर कलश यात्रियों का अभिनंदन करते दिखाई दिए।

यात्रा गांव के तालाब तक पहुंची, जहां वैदिक परंपरा के अनुसार जलभरी की रस्म संपन्न कराई गई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से जल भरकर पुनः यज्ञ स्थल की ओर प्रस्थान किया। यज्ञ स्थल पर लौटने के बाद श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर महायज्ञ में अपनी आस्था अर्पित की।महायज्ञ के आयोजनकर्ता महंत दीपक तिवारी जी महाराज ने बताया कि यह सात दिवसीय धार्मिक आयोजन 16 मार्च तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ उठाएंगे।

उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा के वाचन के लिए प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से सुप्रसिद्ध कथावाचिका विदुषी अंजनी गोस्वामी जी को आमंत्रित किया गया है, जो अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराएंगी। वहीं यज्ञ की संपूर्ण प्रक्रिया काशी, वाराणसी के यज्ञाचार्य आचार्य अखिलेश उपाध्याय के मार्गदर्शन में संपन्न कराई जा रही है।इस अवसर पर आचार्य पं. आदित्य तिवारी, शास्त्री अंकित पचौड़िया, आचार्य बसंत कुमार, आचार्य मनोज मिश्रा, शास्त्री धनु बाबा सहित कई संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है।

