जवहीं दीयर में सड़क निर्माण को लेकर बवाल, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई प्राथमिकी; विधायक भी नामजद
चक्की प्रखंड अंतर्गत जवहीं दीयर गांव में निजी जमीन पर सड़क निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे सड़क निर्माण कार्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट और सड़क तोड़फोड़ की घटना के बाद गुरुवार को दोनों ओर से एक-दूसरे के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस पूरे मामले में ब्रह्मपुर के आरजेडी विधायक शंभूनाथ सिंह यादव को भी आरोपी बनाया गया है। पहले पक्ष के अजय कुमार यादव ने थाना में दिए अपने आवेदन में विधायक शंभूनाथ सिंह यादव समेत तीन नामजद व्यक्तियों और लगभग 150 अज्ञात लोगों पर आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक निजी जमीन पर बिना सहमति सड़क का निर्माण कराया जा रहा था।
केटी न्यूज/डुमरांव
चक्की प्रखंड अंतर्गत जवहीं दीयर गांव में निजी जमीन पर सड़क निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे सड़क निर्माण कार्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट और सड़क तोड़फोड़ की घटना के बाद गुरुवार को दोनों ओर से एक-दूसरे के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस पूरे मामले में ब्रह्मपुर के आरजेडी विधायक शंभूनाथ सिंह यादव को भी आरोपी बनाया गया है। पहले पक्ष के अजय कुमार यादव ने थाना में दिए अपने आवेदन में विधायक शंभूनाथ सिंह यादव समेत तीन नामजद व्यक्तियों और लगभग 150 अज्ञात लोगों पर आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक निजी जमीन पर बिना सहमति सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और दबाव बनाकर कार्य जारी रखने की कोशिश हुई। अजय कुमार का कहना है कि उनकी जमीन की हिस्सेदारी स्पष्ट है फिर भी जबरन सड़क निर्माण कराया जा रहा था।

__ वीडियो हुआ था वायरल
दूसरी ओर, धनंजय यादव, पिता शंभूनाथ सिंह, ने प्रतिवाद करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र विकास योजनांतर्गत दीनानाथ इंटरप्राइजेज द्वारा सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान जवहीं गांव के बच्चा लाल यादव सहित सात लोग वहां पहुंचे और मजदूरों को धमकाकर काम रुकवा दिया। निर्माणाधीन सड़क को तोड़ भी दिया गया और मजदूरों के साथ अभद्रता व मारपीट की गई। घटना के बाद तनाव तब और बढ़ गया जब मजदूरों के पक्ष में पहुंचे विधायक शंभूनाथ सिंह यादव और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हो गई। बुधवार को इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें विधायक यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि किसी भी हाल में यहां रोड बनेगी… राइफल निकालो रे, लड़ने आए हैं तो लड़ेंगे। रोड लोगों की समस्या को देखते हुए बन रहा है। इसे रोकने का कोई औचित्य नहीं है। वीडियो सामने आने के बाद गांव में तनाव की स्थिति और गहरी हो गई।

__ दोनों पक्षों से सहयोग की अपील
वहीं विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि सड़क निर्माण हाईकोर्ट के आदेश के बाद कराई गई नापी के आधार पर हो रहा है। उनके अनुसार नापी में संबंधित जमीन निजी स्वामित्व की नहीं पाई गई है, ऐसे में सड़क बनने से सभी ग्रामीणों को लाभ होगा और विरोध का कोई औचित्य नहीं है। एक तरफ विधायक सड़क बनाने के अपने निर्णय पर अडिग हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी निजी जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। हालांकि बाद में बीच-बचाव कर हिंसक टकराव को टाला गया, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य रुक गया है। दोनों पक्षों द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। गांव में तनाव को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि प्रशासन ने स्थिति शांत करने के लिए दोनों पक्षों से सहयोग की अपील की है।

