माहवारी अब नहीं बनेगी पढ़ाई में बाधा
स्थानीय प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय नुआंव में माहवारी स्वच्छता सप्ताह के तहत गुरुवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की किशोरी छात्राओं को माहवारी स्वच्छता, स्वास्थ्य देखभाल और किशोरावस्था से जुड़े बदलावों की जानकारी दी गई।


--नुआंव विद्यालय में किशोरी छात्राओं को स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास का मिला संदेश
केटी न्यूज/डुमरांव
स्थानीय प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय नुआंव में माहवारी स्वच्छता सप्ताह के तहत गुरुवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की किशोरी छात्राओं को माहवारी स्वच्छता, स्वास्थ्य देखभाल और किशोरावस्था से जुड़े बदलावों की जानकारी दी गई। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 25 से 30 मई तक चल रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य छात्राओं में जागरूकता बढ़ाना और माहवारी से जुड़े संकोच को दूर करना है।कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. संतोष ओझा एवं नोडल शिक्षिका सोनम कुमारी ने किया। इस दौरान छात्राओं को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक परिवर्तनों के बारे में विस्तार से बताया गया।

प्रधानाध्यापक डॉ. ओझा ने कहा कि माहवारी एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है और इसे लेकर किसी भी प्रकार की झिझक या भय नहीं होना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित खानपान अपनाने और नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया।नोडल शिक्षिका सोनम कुमारी ने छात्राओं को माहवारी के दौरान साफ-सफाई के महत्व पर विशेष जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर छात्राएं अपनी शिक्षिकाओं, माता या बड़ी बहनों से खुलकर सलाह लें। विद्यालय में स्थापित “सखी सहायता डेस्क” के माध्यम से छात्राओं की काउंसिलिंग की व्यवस्था भी की गई, जहां वे अपनी समस्याएं निःसंकोच साझा कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पोस्टर निर्माण, पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया। माहवारी स्वच्छता को प्रतीकात्मक रूप से समझाने के लिए “रेड डॉट” अभियान का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने छात्राओं के बीच खास आकर्षण पैदा किया। इस मौके पर छात्राओं के बीच स्वास्थ्य किट का भी वितरण किया गया।प्रधानाध्यापक डॉ. ओझा ने “मेनस्ट्रुएशन हाइजीन डे” के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुरक्षित माहवारी प्रबंधन के प्रति जागरूकता आज की आवश्यकता है। उन्होंने आईईसी सामग्री के प्रभावी प्रदर्शन पर जोर देते हुए कहा कि सही जानकारी और जागरूकता से छात्राएं बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकती हैं।कार्यक्रम में शिक्षक विश्वनाथ सिंह, नमिता सिंह, राजू कुमार, मो. जमाल सहित विद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे। विद्यालय परिसर पूरे दिन जागरूकता और उत्साह के माहौल से गुलजार रहा।

