त्याग और बलिदान के पर्व मोहर्रम पर निकला मातमी जुलूस, ‘या अली-या हुसैन’ के नारों से गूंजा केसठ

प्रखंड क्षेत्र में त्याग, बलिदान और इंसानियत के प्रतीक मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को श्रद्धा, अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न ताजिया समितियों की ओर से भव्य मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी शामिल होकर आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की।

त्याग और बलिदान के पर्व मोहर्रम पर निकला मातमी जुलूस, ‘या अली-या हुसैन’ के नारों से गूंजा केसठ

__ गमगीन माहौल में अदा हुई रस्में, हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की दिखी मिसाल; सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद

केटी न्यूज/केसठ।

प्रखंड क्षेत्र में त्याग, बलिदान और इंसानियत के प्रतीक मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को श्रद्धा, अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न ताजिया समितियों की ओर से भव्य मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ-साथ हिंदू समुदाय के लोगों ने भी शामिल होकर आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की।केसठ के नया बाजार ताजिया चौक से निकला मातमी जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए पुराना बाजार ताजिया चौक पहुंचा। इस दौरान पूरा क्षेत्र ‘या अली-या हुसैन’ के नारों से गूंज उठा। जुलूस में शामिल अखाड़ों के युवाओं ने लाठी, गड़ासा सहित अन्य पारंपरिक युद्ध कलाओं का शानदार प्रदर्शन किया।

युवाओं के करतबों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कर्बला की ऐतिहासिक घटना की यादों को जीवंत कर दिया।मान्यता है कि हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में अपने परिवार और साथियों के साथ शहादत देकर सत्य, न्याय और मानवता की रक्षा का संदेश दिया था। इसी महान बलिदान की याद में हर वर्ष मोहर्रम के मौके पर मातमी जुलूस निकाला जाता है और कर्बला की घटना को प्रतीकात्मक रूप से याद किया जाता है।मोहर्रम के अवसर पर नया बाजार ताजिया चौक पर विभिन्न अखाड़ा समितियों का मिलन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। यहां लोगों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। जुलूस के दौरान समिति की ओर से विभिन्न चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं के लिए पानी और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी।

पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नावानगर पुलिस, दंडाधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी। नावानगर थानाध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार ने केसठ, किरनी समेत विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर विधि-व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बताया जाता है कि केसठ में दो प्रमुख इमामबाड़े हैं। पुराना बाजार ताजिया का नेतृत्व रियाजुद्दीन खान और नया बाजार ताजिया का नेतृत्व जिलानी खान ने किया। दोनों स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही और पूरे आयोजन में शांति एवं सौहार्द का माहौल कायम रहा।मोहर्रम का यह आयोजन केवल शोक और स्मरण का पर्व ही नहीं, बल्कि त्याग, सत्य और मानवता के मूल्यों को अपनाने का संदेश भी देता नजर आया।