बलिया-आरा रेल परियोजना पर नया विवाद, रघुनाथपुर रूट को लेकर बढ़ा दबाव
बलिया से आरा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन के एलाइनमेंट को लेकर अब सियासी और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने वर्तमान प्रस्तावित बलिया–जगजीवन हाल्ट–आरा रेल मार्ग की बजाय बलिया–रघुनाथपुर–आरा रेल कॉरिडोर को अधिक उपयोगी बताते हुए इसे मंजूरी देने की मांग उठाई है।


__ जनप्रतिनिधियों ने बदले एलाइनमेंट का उठाया मुद्दा, कहा- कम दूरी में लाखों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
बलिया से आरा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन के एलाइनमेंट को लेकर अब सियासी और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने वर्तमान प्रस्तावित बलिया–जगजीवन हाल्ट–आरा रेल मार्ग की बजाय बलिया–रघुनाथपुर–आरा रेल कॉरिडोर को अधिक उपयोगी बताते हुए इसे मंजूरी देने की मांग उठाई है। बक्सर विधायक आनंद मिश्र ने इस संबंध में रेलमंत्री को विस्तृत प्रस्ताव भेजकर नए एलाइनमेंट पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है। इससे पहले बक्सर सांसद सुधाकर सिंह और डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह भी रेल मंत्रालय को अपनी अनुशंसा भेज चुके हैं।

मामले ने तब जोर पकड़ा जब सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत रेलवे की ओर से यह जानकारी दी गई कि प्रस्तावित रेल मार्ग के संबंध में किसी जनप्रतिनिधि का औपचारिक प्रस्ताव विभाग को प्राप्त नहीं हुआ था। इसी कारण न तो एलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया गया और न ही फिजिबिलिटी सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। इसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता शैलेश ओझा ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की।स्थानीय लोगों का कहना है कि रघुनाथपुर होकर रेल लाइन बनाए जाने से परियोजना की दूरी लगभग 61 किलोमीटर से घटकर करीब 35 किलोमीटर रह जाएगी। इससे निर्माण लागत और समय दोनों में भारी कमी संभव है।

साथ ही भोजपुर, बक्सर और दियरांचल के ग्रामीण क्षेत्रों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। प्रस्तावित रूट में रघुनाथपुर, बनाही, बिहिया और कारीसाथ जैसे स्टेशनों को जोड़ने की बात कही गई है, जिससे हजारों गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी।जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि वर्तमान प्रस्तावित मार्ग में दलदली भूमि और तकनीकी चुनौतियां अधिक हैं, जबकि रघुनाथपुर रूट अपेक्षाकृत व्यावहारिक और कम खर्चीला साबित हो सकता है। इसके अलावा रघुनाथपुर क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है।

यहां जेके सीमेंट परियोजना, नवानगर एसईजेड और कोका-कोला प्लांट जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों के कारण क्षेत्र को भविष्य का औद्योगिक हब माना जा रहा है।धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी इस रूट को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ धाम और बलिया स्थित बाबा भृगुनाथ धाम के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी बनने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। क्षेत्रीय लोगों ने रेल मंत्रालय से जनहित और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए नए एलाइनमेंट पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।

