एक ट्रांसफार्मर ने तीन दिन डुबोई बस्ती, दूसरे ने 20 घंटे रोकी शहर की रफ्तार
डुमरांव अनुमंडल में बिजली व्यवस्था की बदहाल तस्वीर बुधवार को दो अलग-अलग घटनाओं के जरिए सामने आई। पुराना भोजपुर के तकिया मुहल्ला में ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद तीन दिनों तक लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा, जबकि डुमरांव शहर में ट्रेलर की टक्कर से ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर करीब 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।


__ पुराना भोजपुर के तकिया मुहल्ला में ट्रांसफार्मर बदलने में लापरवाही पर फूटा लोगों का गुस्सा, शहर में हादसे के बाद भी देर से बहाल हुई आपूर्ति; बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव अनुमंडल में बिजली व्यवस्था की बदहाल तस्वीर बुधवार को दो अलग-अलग घटनाओं के जरिए सामने आई। पुराना भोजपुर के तकिया मुहल्ला में ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद तीन दिनों तक लोगों को अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ा, जबकि डुमरांव शहर में ट्रेलर की टक्कर से ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने पर करीब 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। दोनों मामलों ने बिजली विभाग की कार्यशैली और आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।पुराना भोजपुर के तकिया मुहल्ला में सोमवार रात से बिजली गुल है। बुधवार शाम तक खराब ट्रांसफार्मर को हटाए जाने के बावजूद नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जा सका था। लगातार तीन दिनों तक बिजली नहीं रहने से पेयजल संकट गहरा गया। मोटर बंद रहने के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ा, जबकि उमस भरी गर्मी ने बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी कई गुना बढ़ा दी।

आक्रोशित लोगों ने मंगलवार को बिजली कार्यालय पहुंचकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल आपूर्ति बहाल करने की मांग की।स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग समय पर कार्रवाई करता तो उन्हें तीन दिनों तक इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। विभागीय सूत्रों का कहना है कि ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद बिजली कंपनी ने प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन संवेदक की लापरवाही के कारण नया ट्रांसफार्मर समय पर उपलब्ध नहीं हो सका। खास बात यह है कि खराब हुआ 100 केवीए का ट्रांसफार्मर महज एक महीने पहले ही लगाया गया था। इतनी कम अवधि में इसके खराब होने से इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी 200 केवीए ट्रांसफार्मर लगाने की मांग उठी थी, लेकिन विभागीय मानकों का हवाला देकर उसे खारिज कर दिया गया और दोबारा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर ही लगाया गया।

अब फिर वही स्थिति दोहराने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। जेई जितेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में तकनीकी खराबी मिली है और बुधवार रात तक नया ट्रांसफार्मर चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है।उधर, डुमरांव शहर के कलावती लॉज के समीप देर रात एक ट्रेलर की टक्कर से ट्रांसफार्मर गिर गया, जिससे आसपास के इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। विभाग ने क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर हटाकर नया ट्रांसफार्मर तो लगा दिया, लेकिन उसे चार्ज करने की प्रक्रिया में समय लगने से करीब 20 घंटे तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। जेई मो. इम्तियाज ने बताया कि तकनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही बिजली चालू कर दी जाएगी।ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की इन दोनों घटनाओं ने साफ कर दिया है कि बिजली व्यवस्था में त्वरित और स्थायी समाधान की जरूरत है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने और आपूर्ति बहाल करने की प्रभावी व्यवस्था नहीं बनी, तो ऐसी समस्याएं आगे भी आम जनता को परेशान करती रहेंगी।

