रालोमो में संगठनात्मक चुनाव टला, आम सहमति से नए जिलाध्यक्ष पर होगा फैसला
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के बक्सर जिलाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर रविवार को आयोजित संगठनात्मक प्रक्रिया विवादों में घिर गई। शहर के बाईपास रोड स्थित एसएस पैलेस में आयोजित चुनाव के दौरान दो पक्षों के बीच मतभेद उभरने के बाद पार्टी नेतृत्व ने चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया।

--मतदान प्रक्रिया पर उठे सवाल, केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद चुनाव निरस्त
केटी न्यूज/बक्सर।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के बक्सर जिलाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर रविवार को आयोजित संगठनात्मक प्रक्रिया विवादों में घिर गई। शहर के बाईपास रोड स्थित एसएस पैलेस में आयोजित चुनाव के दौरान दो पक्षों के बीच मतभेद उभरने के बाद पार्टी नेतृत्व ने चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से माहौल शांत हुआ और जिलाध्यक्ष के चयन पर अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया गया।जानकारी के अनुसार जिलाध्यक्ष पद के लिए धनजी कुशवाहा और विंध्याचल कुशवाहा के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी के पक्ष में सक्रिय थे। चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही कुछ कार्यकर्ताओं ने मतदान व्यवस्था और प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई।

आपत्तियों के बीच दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी बहस हुई, जिससे सभा स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। इस दौरान चुनाव प्रभारी एवं वरिष्ठ नेता आर.के. सिन्हा पर एक पक्ष द्वारा पक्षपात के आरोप भी लगाए गए। विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना था कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सर्वमान्य तरीके से संचालित नहीं की जा रही है। वहीं दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताया और संगठनात्मक नियमों के तहत चुनाव कराने की बात कही।स्थिति को देखते हुए पार्टी पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।

इसके बाद राज्यस्तरीय नेताओं ने हस्तक्षेप करते हुए सभी पक्षों से बातचीत की। करीब एक घंटे तक चली चर्चा और मंथन के बाद संगठनात्मक एकता को प्राथमिकता देते हुए जिलाध्यक्ष पद का चुनाव निरस्त करने का निर्णय लिया गया।पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन में अनुशासन और एकजुटता सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार के विवाद से संगठन की छवि प्रभावित होती है, इसलिए सभी पक्षों की राय लेने के बाद नए सिरे से निर्णय किया जाएगा। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि जिलाध्यक्ष पद को लेकर अंतिम फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा, जिसे संगठन के सभी सदस्य स्वीकार करेंगे।

