चार दिन के इंतजार के बाद तकिया मुहल्ले में लौटी बिजली, ट्रांसफार्मर बदलने पर मिली राहत

पुराना भोजपुर के तकिया मुहल्ले में चार दिनों से जारी बिजली संकट का आखिरकार बुधवार देर रात अंत हो गया। करीब 85 घंटे तक अंधेरे में रहने के बाद नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने से रात लगभग 11 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली लौटते ही पूरे इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली और गुरुवार सुबह से जनजीवन फिर सामान्य होता नजर आया।

चार दिन के इंतजार के बाद तकिया मुहल्ले में लौटी बिजली, ट्रांसफार्मर बदलने पर मिली राहत

__ 85 घंटे तक अंधेरे में रहे लोग, विभाग ने संवेदक पर कार्रवाई की कही बात

केटी न्यूज/डुमरांव

पुराना भोजपुर के तकिया मुहल्ले में चार दिनों से जारी बिजली संकट का आखिरकार बुधवार देर रात अंत हो गया। करीब 85 घंटे तक अंधेरे में रहने के बाद नया ट्रांसफार्मर लगाए जाने से रात लगभग 11 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई। बिजली लौटते ही पूरे इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली और गुरुवार सुबह से जनजीवन फिर सामान्य होता नजर आया।रविवार की रात ट्रांसफार्मर खराब होने से तकिया मुहल्ले की बिजली पूरी तरह ठप हो गई थी। लगातार चार दिनों तक बिजली नहीं रहने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस के बीच भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हुई। पंखे और कूलर बंद रहने से रात गुजारना मुश्किल हो गया था।

बिजली बाधित रहने से पेयजल आपूर्ति, मोबाइल चार्जिंग और घरेलू कार्य भी प्रभावित हुए। कई घरों में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई, जबकि छोटे दुकानदारों और व्यवसायियों को भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। स्थानीय लोगों ने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर शीघ्र ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की थी।बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं होने के कारण आपूर्ति बहाल करने में अपेक्षा से अधिक समय लग गया। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले में संवेदक की लापरवाही भी सामने आई है, जिसके कारण समस्या लंबी खिंची।

नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध होते ही तकनीकी टीम ने उसे तत्काल स्थापित कर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी।विभाग ने संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने बिजली बहाल होने पर राहत तो जताई, लेकिन भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की उपलब्धता और त्वरित मरम्मत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।