डुमरांव में ‘डॉग फीडिंग प्वाइंट’ की तैयारी तेज

नगर परिषद डुमरांव ने शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब नगर क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में “डॉग फीडिंग प्वाइंट” बनाया जाएगा, जहां कुत्तों के लिए नियमित भोजन की व्यवस्था होगी। इसके लिए भोजन पात्र (फीडिंग बाउल) की खरीदारी भी कर ली गई है और उन्हें नगर परिषद परिसर में सुरक्षित रखा गया है।

डुमरांव में ‘डॉग फीडिंग प्वाइंट’ की तैयारी तेज

__ हर वार्ड में बनेगा भोजन जोन, आवारा कुत्तों की समस्या से राहत की उम्मीद

केटी न्यूज, डुमरांव।

नगर परिषद डुमरांव ने शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब नगर क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में “डॉग फीडिंग प्वाइंट” बनाया जाएगा, जहां कुत्तों के लिए नियमित भोजन की व्यवस्था होगी। इसके लिए भोजन पात्र (फीडिंग बाउल) की खरीदारी भी कर ली गई है और उन्हें नगर परिषद परिसर में सुरक्षित रखा गया है।नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दूबे ने बताया कि इस योजना के तहत हर वार्ड में सरकारी जमीन पर फीडिंग जोन विकसित किया जाएगा। इसके लिए उपयुक्त स्थल चयनित कर अंचल प्रशासन को पत्र भेजकर जमीन हैंडओवर करने का अनुरोध किया गया है। जमीन मिलते ही सबसे पहले उसकी घेराबंदी कर सुरक्षित परिसर तैयार किया जाएगा।

--नस्ल के अनुसार अलग व्यवस्था

योजना के तहत कुत्तों को उनकी नस्ल और स्थिति के अनुसार रखने की व्यवस्था होगी। नवजात पिल्लों के लिए अलग स्थान और भोजन की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, रेबीज से ग्रसित कुत्तों के लिए पृथक जोन बनाया जाएगा ताकि उनका संपर्क अन्य कुत्तों से न हो सके। इस कार्य के संचालन के लिए कर्मियों की नियुक्ति भी की जाएगी।

--डॉग फाइटिंग प्वाइंट के लिए भी जगह की तलाश

नगर परिषद ने बताया कि डॉग फाइटिंग प्वाइंट (जहां कुत्तों के बीच आपसी झगड़े की घटनाएं अधिक होती हैं) को नियंत्रित करने के उद्देश्य से भी उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही है। इसके लिए अंचल प्रशासन से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि कुत्तों को व्यवस्थित क्षेत्र में रखा जा सके और सड़कों पर होने वाली झड़पों पर रोक लगे।

--लोगों में चर्चा, राहत की उम्मीद

शहर में इस पहल को लेकर चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि आए दिन कुत्तों के काटने की घटनाओं से भय का माहौल रहता है। पीड़ितों को अस्पताल में एंटी-रेबीज टीका लगवाने के लिए बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। रात में बाहर निकलना या बच्चों का अकेले खेलना भी चिंता का कारण बन जाता है।नगर परिषद को उम्मीद है कि फीडिंग प्वाइंट बनने से कुत्ते सड़कों और गलियों में कम दिखेंगे, जिससे आमजन को राहत मिलेगी और शहर में बेहतर व्यवस्था कायम हो सकेगी।