आदिवासी विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन को अलग विभाग की जरूरत : गोंड महासभा
बिहार में अनुसूचित जनजाति समुदाय के विकास और कल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की मांग को लेकर युवा बिहार राज्य गोंड महासभा ने राज्य सरकार से अलग विभाग गठित करने की अपील की है। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामजीत गोंड ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र भेजकर कहा है कि जनजातीय समाज की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए स्वतंत्र मंत्रालय या विभाग का गठन समय की आवश्यकता बन गया है।

केटी न्यूज/बक्सर :
बिहार में अनुसूचित जनजाति समुदाय के विकास और कल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने की मांग को लेकर युवा बिहार राज्य गोंड महासभा ने राज्य सरकार से अलग विभाग गठित करने की अपील की है। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामजीत गोंड ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र भेजकर कहा है कि जनजातीय समाज की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए स्वतंत्र मंत्रालय या विभाग का गठन समय की आवश्यकता बन गया है।उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग संयुक्त रूप से कार्य कर रहा है, जिसके कारण आदिवासी समाज से जुड़ी कई योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन प्रभावित होता है। अलग विभाग बनने से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, पेयजल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी।

रामजीत गोंड ने कहा कि बिहार में रहने वाले आदिवासी समुदाय की अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक जरूरतें हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष नीति और अलग प्रशासनिक व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों में जनजातीय कल्याण के लिए पृथक मंत्रालय कार्यरत हैं, जिससे वहां योजनाओं के बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं।महासभा ने मांग की कि राज्य सरकार जनजातीय समाज के उत्थान को प्राथमिकता देते हुए उनके जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करे। साथ ही युवाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएं।प्रदेश अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार कर जनजातीय समुदाय के विकास के लिए ठोस कदम उठाएगी।

