महिला आरक्षण लागू करने और आरियांव कांड में न्याय की मांग को लेकर डुमरांव में विरोध मार्च

डुमरांव शहर में शुक्रवार को भाकपा माले एवं अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के संयुक्त तत्वावधान में महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू करने तथा आरियांव में छात्रा हत्या मामले में न्याय की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला गया। मार्च भाकपा माले कार्यालय से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्ग, गोला रोड, शहीद पार्क होते हुए नया थाना पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।

महिला आरक्षण लागू करने और आरियांव कांड में न्याय की मांग को लेकर डुमरांव में विरोध मार्च

__ भाकपा माले व ऐपवा ने केन्द्र सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, अपराध नियंत्रण पर भी उठाए सवाल

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव शहर में शुक्रवार को भाकपा माले एवं अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के संयुक्त तत्वावधान में महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू करने तथा आरियांव में छात्रा हत्या मामले में न्याय की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला गया। मार्च भाकपा माले कार्यालय से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्ग, गोला रोड, शहीद पार्क होते हुए नया थाना पहुंचा, जहां सभा आयोजित की गई।सभा की अध्यक्षता खेग्रामस जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने की, जबकि संचालन माले नेता ललन राम ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला सचिव नवीन कुमार ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिला आरक्षण कानून को बिना किसी शर्त के तत्काल लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2023 में महिला आरक्षण कानून पारित तो किया, लेकिन इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर लागू करने में अनावश्यक देरी की जा रही है।उन्होंने कहा कि महिलाओं को लंबे समय से राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाने की मांग उठती रही है, लेकिन सरकार इसे लागू करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए प्रचार का माध्यम बना रही है। उन्होंने मांग की कि महिला आरक्षण में दलित, पिछड़ी एवं वंचित वर्ग की महिलाओं की हिस्सेदारी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।सभा में नेताओं ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर भी चिंता जताई। वक्ताओं ने कहा कि यदि राज्यों की सहमति और व्यापक विमर्श के बिना सीटों का पुनर्निर्धारण किया गया, तो इससे संघीय ढांचे पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के फैसले सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद ही लिए जाने चाहिए।

वक्ताओं ने बक्सर जिले में बढ़ते अपराध पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जिले में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है। आरियांव गांव में 15 वर्षीय छात्रा की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए नेताओं ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को न्याय और सुरक्षा की मांग की।विरोध मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने महिला आरक्षण तत्काल लागू करने, जातीय जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक करने, दलित-पिछड़ी महिलाओं को आरक्षण में हिस्सेदारी देने तथा आरियांव कांड के आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर नारेबाजी की।मार्च का नेतृत्व डुमरांव माले सचिव धर्मेंद्र सिंह यादव, भगवान दास, शंकर तिवारी, शैलेन्द्र पासवान, बाबूलाल राम, प्रभात कुमार, अरविंद यादव, सुरेन्द्र कुशवाहा, ऊषा देवी, मनोज राम और रिंकू कुरैशी ने संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम में चनकलिया देवी, राधेश्याम शर्मा, अनिल राय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।