नवजात को पोलियो की दो बूंद पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ

पंचायत विकास दिवस के अवसर पर बक्सर जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत नुआँव पंचायत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सह बक्सर जिले के प्रभारी मंत्री नन्द किशोर राम ने नवजात शिशु को पोलियो की दो बूंद खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।

नवजात को पोलियो की दो बूंद पिलाकर पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ

__ डुमरांव के नुआँव पंचायत से शुरू हुआ अभियान, 2.60 लाख बच्चों को दी जाएगी पोलियो रोधी खुराक

केटी न्यूज/डुमरांव।

पंचायत विकास दिवस के अवसर पर बक्सर जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत नुआँव पंचायत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य पालन एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री सह बक्सर जिले के प्रभारी मंत्री नन्द किशोर राम ने नवजात शिशु को पोलियो की दो बूंद खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में यह अभियान 28 जून से 2 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान जन्म से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो रोधी वैक्सीन की खुराक दी जाएगी। जिले में इसके लिए कुल 2.60 लाख बच्चों को लक्षित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे और जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखने के प्रयासों को और मजबूती मिले।

अभियान के सफल संचालन के लिए जिले में व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इसके तहत कुल 760 टीमें गठित की गई हैं। इनमें 623 घर-घर भ्रमण करने वाली टीमें शामिल हैं, जो स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बच्चों के घर पहुंचकर उन्हें पोलियो की खुराक पिलाएंगी। वहीं, 112 ट्रांजिट टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य प्रमुख आवागमन वाले स्थानों पर तैनात रहेंगी, ताकि यात्रा करने वाले परिवारों के बच्चों को भी समय पर पोलियो की दवा मिल सके।इसके अलावा 13 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है, जो ईंट-भट्ठों, घुमंतू आबादी वाले क्षेत्रों और दुर्गम इलाकों में पहुंचकर बच्चों को पोलियो की खुराक उपलब्ध कराएंगी। अभियान की निगरानी और बेहतर क्रियान्वयन के लिए 277 पर्यवेक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो विभिन्न क्षेत्रों में जाकर टीमों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।

स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्वयंसेवकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। सभी कर्मियों को जिम्मेदारी के साथ अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का निर्देश दिया गया है।जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों, खासकर अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने जन्म से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद खुराक जरूर पिलाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन बच्चों को पहले भी पोलियो की दवा दी जा चुकी है, उन्हें भी इस अभियान के दौरान दो बूंद खुराक अवश्य दी जाए।अधिकारियों ने कहा कि सामूहिक सहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही पोलियो मुक्त समाज के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल किया जा सकता है।