“बक्सर की सड़कों पर मौत का तांडव रोकें, प्रशासन तय करे जवाबदेही”: कृष्णा शर्मा
“सड़क हादसों में लोगों की जान जाना और महाजाम में जनता का बेहाल होना अब बर्दाश्त से बाहर है। सड़क पर जिंदगी बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए और व्यवस्था की जवाबदेही तय होनी ही चाहिए।” यह कहना है सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता कृष्णा शर्मा का, जिन्हें लोग ‘हाइवे के हनुमान’ के नाम से जानते हैं।

__ एनएच-922 पर रॉन्ग साइड परिचालन और महाजाम पर जताई चिंता, जिलाधिकारी को सौंपे 16 सूत्री मांग-पत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और समयबद्ध कार्रवाई की मांग
केटी न्यूज/बक्सर।
“सड़क हादसों में लोगों की जान जाना और महाजाम में जनता का बेहाल होना अब बर्दाश्त से बाहर है। सड़क पर जिंदगी बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए और व्यवस्था की जवाबदेही तय होनी ही चाहिए।” यह कहना है सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता कृष्णा शर्मा का, जिन्हें लोग ‘हाइवे के हनुमान’ के नाम से जानते हैं। उन्होंने एनएच-922 बक्सर-पटना फोरलेन समेत जिले के विभिन्न मार्गों पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं, भारी वाहनों के गलत दिशा में परिचालन और भीषण जाम की समस्या को लेकर जिला प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।

कृष्णा शर्मा ने जिलाधिकारी, बक्सर को संबोधित 16 सूत्री मांग-पत्र के माध्यम से सड़क सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की आवाज बुलंद की है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे हादसों से कई परिवारों की खुशियां उजड़ रही हैं, वहीं घंटों लगने वाले जाम में मरीजों, यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद इन समस्याओं का स्थायी समाधान बेहद जरूरी है।

__ रॉन्ग साइड परिचालन पर सख्ती, ब्लैक स्पॉट पर विशेष निगरानी
मांग-पत्र में चौसा-बक्सर, कृष्णाब्रह्म-बक्सर गोलंबर और कोरानसराय-पुराना भोजपुर मार्ग पर महाजाम से निजात दिलाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। दलसागर टोल प्लाजा के समीप पुराना भोजपुर, नवाडेरा और प्रताप सागर के डिवाइडर कट से गलत दिशा में आने वाले वाहनों पर रोक लगाने के लिए पुलिस गश्ती और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।कृष्णा शर्मा ने दुर्घटना संभावित स्थलों पर गति सीमा के बोर्ड, रेडियमयुक्त चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाने, कुहासे के मौसम से पहले रोड मार्किंग दुरुस्त करने तथा ढकाइच, नवाडेरा और प्रताप सागर जैसे संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की मांग की है। ढकाइच से पड़री तक सरकारी एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और हिट एंड रन समेत संदिग्ध दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच पर भी जोर दिया गया है।

__ खनन जांच से जाम, भारी वाहनों के लिए बने व्यवस्थित रूट
मांग-पत्र में बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर खनन जांच के दौरान लगने वाले जाम के समाधान के लिए दोनों राज्यों के संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने, बालू लदे वाहनों के लिए सुरक्षित रूट और लेन प्रबंधन लागू करने तथा चालकों को पुलिस सुरक्षा देने की मांग भी शामिल है।इसके अलावा साप्ताहिक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, ब्लैक स्पॉट का संयुक्त निरीक्षण और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संबंधित विभागों व जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की मांग की गई है। कृष्णा शर्मा ने पूर्व में सौंपे गए ज्ञापन पर हुई कार्रवाई की समीक्षा करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन को सभी मांगों पर गंभीरता से संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि बक्सर की सड़कों पर हादसों का खतरा कम हो और आम लोगों का सफर सुरक्षित बन सके।


