रेलवे ट्रैक बना जानलेवा रास्ता: पैदल लौट रहे तीन मजदूरों की ट्रेन से कटकर मौत
पं. दीनदयाल उपाध्याय दानापुर मंडल के बारा-गहमर रेलवे खंड पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें पावर प्लांट में कार्यरत तीन मजदूरों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना डाउन लाइन पर पोल संख्या 678/28 के पास हुई, जहां किसी अज्ञात ट्रेन ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।
केटी न्यूज/चौसा
पं. दीनदयाल उपाध्याय दानापुर मंडल के बारा-गहमर रेलवे खंड पर रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें पावर प्लांट में कार्यरत तीन मजदूरों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना डाउन लाइन पर पोल संख्या 678/28 के पास हुई, जहां किसी अज्ञात ट्रेन ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।जानकारी के अनुसार, मृतक सभी युवक चौसा स्थित पावर प्लांट में इनशूल कंपनी में काम करते थे। बताया जा रहा है कि वे किसी जरूरी काम से उत्तर प्रदेश के गहमर गए थे।

काम पूरा करने के बाद वे वापस लौट रहे थे और समय बचाने के लिए रेलवे ट्रैक के रास्ते पैदल ही कंपनी की ओर आ रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है।मृतकों की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के केरमा-डीह निवासी 32 वर्षीय जयनाथ साहनी, मुजफ्फरपुर के ही 35 वर्षीय गुलशन राम तथा वैशाली जिले के 35 वर्षीय पप्पू सिंह के रूप में की गई है।

पुलिस द्वारा सभी के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिवारों में कोहराम मच गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रेलवे खंड पर लोग अक्सर शॉर्टकट के तौर पर ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर पैदल चलने के जोखिम को उजागर कर दिया है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक का उपयोग आवागमन के लिए न करें और केवल निर्धारित रास्तों का ही इस्तेमाल करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

