रसेन की फायरिंगः बदले की कहानी या साजिश का जाल, अहियापुर ट्रिपल मर्डर की परछाईं में नई हत्या
बक्सर जिले का अहियापुर और उससे सटा रसेन इलाका एक बार फिर खूनी संघर्ष की वजह से सुर्खियों में है। सात महीने पहले हुए अहियापुर ट्रिपल मर्डर की आग अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि सोमवार की रात रसेन गांव के पास अंधाधुंध फायरिंग ने पूरे जिले को झकझोर दिया। इस वारदात में मोहनपुर निवासी रामकांत पाठक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विजय शंकर चौबे गंभीर रूप से घायल हो गए। करीब दस राउंड फायरिंग, खेतों के बीच बिखरे खोखे और मिस गोली, घटना ने इलाके में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है।
-- एक मौत, एक घायल, कई आरोप-प्रत्यारोप और दो परिवारों के बीच गहराता अविश्वास, बक्सर पुलिस के लिए बनी बड़ी चुनौती
केटी न्यूज/राजपुर
बक्सर जिले का अहियापुर और उससे सटा रसेन इलाका एक बार फिर खूनी संघर्ष की वजह से सुर्खियों में है। सात महीने पहले हुए अहियापुर ट्रिपल मर्डर की आग अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि सोमवार की रात रसेन गांव के पास अंधाधुंध फायरिंग ने पूरे जिले को झकझोर दिया। इस वारदात में मोहनपुर निवासी रामकांत पाठक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विजय शंकर चौबे गंभीर रूप से घायल हो गए। करीब दस राउंड फायरिंग, खेतों के बीच बिखरे खोखे और मिस गोली, घटना ने इलाके में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है।यह हत्याकांड अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि इसे अहियापुर ट्रिपल मर्डर से जोड़कर देखा जा रहा है।

घायल विजय शंकर चौबे ने पुलिस को दिए बयान में सीधा आरोप लगाया है कि यह हमला बदले की भावना से किया गया। उनका दावा है कि हमलावर अहियापुर ट्रिपल मर्डर में मारे गए लोगों के परिजन हैं, जिन्होंने रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया।विजय शंकर के मुताबिक, सोमवार की शाम वह अपने रिश्तेदार रामकांत पाठक के साथ खेत की ओर टहलने निकले थे। नहर के पास पहले से घात लगाए बैठे छह लोगों ने “मारो-मारो” चिल्लाते हुए फायरिंग शुरू कर दी। भागने के दौरान उनके पैर में गोली लगी, जबकि रामकांत पाठक को हमलावरों ने निशाना बनाकर कई गोलियां दागीं। पुलिस ने मौके से आठ खोखे और दो मिस गोली बरामद की है।

घायल के बयान के आधार पर अजीत यादव, गुड्डू सिंह, सोनू सिंह, मुन्ना सिंह, श्री सिंह, सिकंदर सिंह और अमित सिंह के नाम सामने आए हैं। विजय शंकर का कहना है कि अहियापुर ट्रिपल मर्डर के बाद उनके दामाद का ट्रक जब्त हुआ था, जिसे छुड़ाने के लिए वे कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा और यह खूनी वारदात हुई।हालांकि, कहानी का दूसरा पहलू पूरी तरह अलग है। अहियापुर ट्रिपल मर्डर के पीड़ित परिवार के सदस्य अजीत यादव ने वीडियो बयान जारी कर पूरे मामले को साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि 23 दिसंबर को कोर्ट में चार्ज फ्रेम होने से पहले उन पर दो करोड़ रुपये और दस बीघा जमीन देने का दबाव बनाया जा रहा था।

जब उन्होंने इनकार किया, तो उन्हें हत्या के केस में फंसाने की योजना बनाई गई।अजीत यादव ने यह भी आरोप लगाया कि राजपुर थाना के एसएचओ ने उनके घर से एक युवक को बिना सूचना थाने ले जाकर हिरासत में रखा है। वहीं, पीड़ित परिवार को सुरक्षा में तैनात गार्डों ने भी वीडियो बयान में कहा है कि घटना के समय पूरा परिवार घर पर मौजूद था, जिससे वे आरोपों को झूठा बता रहे हैं।इधर, मृतक रामकांत पाठक के भतीजे मंटू पाठक ने पूरी घटना का एंगल पलटते हुए विजय शंकर चौबे पर ही साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रामकांत पाठक को जबरन रसेन रोका गया और साजिश के तहत उनकी हत्या कराई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य खुद जांच की कमान संभाले हुए हैं। पुलिस का कहना है कि नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है, सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।फिलहाल रसेन और अहियापुर के बीच तनावपूर्ण शांति है। सवाल यह है कि यह वारदात बदले की आग का नतीजा है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा, इसका जवाब अब पुलिस जांच और आने वाले दिनों की कार्रवाई तय करेगी।
