महिला सुरक्षा तंत्र की समीक्षा, वन स्टॉप सेंटर को और प्रभावी बनाने के निर्देश

जिले में महिलाओं की सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) निहारिका छवि एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पांडेय ने सदर प्रखंड परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, अभिलेखों एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की।

महिला सुरक्षा तंत्र की समीक्षा, वन स्टॉप सेंटर को और प्रभावी बनाने के निर्देश

__ डीडीसी ने कहा—स्किल मैपिंग के जरिए पीड़ित महिलाओं को रोजगार से जोड़ें, त्वरित सहायता पर जोर

केटी न्यूज / बक्सर

जिले में महिलाओं की सुरक्षा और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) निहारिका छवि एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पांडेय ने सदर प्रखंड परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, अभिलेखों एवं कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की।डीडीसी ने केंद्र पर आने वाली पीड़ित महिलाओं के समुचित पुनर्वास पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि उनकी स्किल मैपिंग कर उन्हें विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण संस्थानों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के उपरांत संबंधित विभागों के समन्वय से महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए, ताकि उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।

साथ ही पीड़ित महिलाओं के मामलों का नियमित अनुश्रवण करने के भी निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने एक पीड़िता से सीधे संवाद कर उसकी समस्याओं को समझा और केंद्र कर्मियों को संवेदनशीलता के साथ मामलों के निष्पादन के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा गया कि जरूरतमंद महिलाओं तक स्वयं पहुंचकर काउंसलिंग एवं सहायता उपलब्ध कराई जाए।वहीं एसडीपीओ ने पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि महिलाओं के विरुद्ध हिंसा से संबंधित मामलों में सूचना का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करें और शीघ्र कार्रवाई करें।

वन स्टॉप सेंटर में हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय, कानूनी एवं मनोसामाजिक सहायता के साथ अधिकतम पांच दिनों तक अल्पावास की सुविधा दी जाती है। वर्ष 2025-26 में केंद्र में कुल 145 मामले दर्ज हुए, जिनमें अधिकांश का निष्पादन किया जा चुका है।इसके पश्चात डीडीसी ने शक्ति सदन का भी निरीक्षण किया, जहां वर्तमान में 10 महिलाएं निवासरत हैं। अधिकारियों ने वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और अभिलेखों को अद्यतन रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।