स्टेशन रोड में जतकुटवा बस्ती के पास अतिक्रमण व जलजमाव से चौपट हुई सड़क, हर दिन हो रहे है हादसे
डुमरांव के जर्जर हो चुके स्टेशन रोड में अनुमंडल प्रशासन द्वारा ट्रकों का परिचालन रोक तथा गड्ढों की भराई करवा इसे आवागमन लायक बना दिया गया है, लेकिन इसी पथ से जुड़े विष्णु मंदिर से पंचमंदिर तक की स्थिति इससे अलग है। करीब 200 मीटर लंबे इस पथ से ही जतकुटवा बस्ती जुड़ी है, जो डुमरांव नगर परिषद के वार्ड 18 के अंतर्गत आता है।


-- अतिक्रमण हटाने के बजाय सिर्फ खानापूर्ति करता है नगर परिषद प्रशासन, बस्ती के पास एक इंच भी नहीं बचा है फुटपाथ, जलभराव से आवागमन हो रहा है बाधित
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव के जर्जर हो चुके स्टेशन रोड में अनुमंडल प्रशासन द्वारा ट्रकों का परिचालन रोक तथा गड्ढों की भराई करवा इसे आवागमन लायक बना दिया गया है, लेकिन इसी पथ से जुड़े विष्णु मंदिर से पंचमंदिर तक की स्थिति इससे अलग है। करीब 200 मीटर लंबे इस पथ से ही जतकुटवा बस्ती जुड़ी है, जो डुमरांव नगर परिषद के वार्ड 18 के अंतर्गत आता है। इस बस्ती के लोगों द्वारा न सिर्फ सड़क का अतिक्रमण कर लिया गया है, बल्कि हर समय सड़क पर पानी गिराया जा रहा है। बस्ती में लगे नलों तथा जर्जर व फटे पाइप से निकलने वाला पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है। यह सिलसिला पिछले दो सालों से चल रहा है, जिससे इस जगह पर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए है तथा आवागमन में भारी कठिनाई हो रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां हर दिन दुपहिया व तिपहिया वाहन पलटते है।वहीं, अर्नब चक्रवात के कारण पिछले 24 घंटे से अधिक समय से हो रही बारिश के बाद स्थिति और नारकीय हो गई है। विष्णु मंदिर से जतकुटवा बस्ती तक की पूरी सड़क गड्ढों व कीचड़ से पट गई है, जिस कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है।इस मामले में नगर परिषद प्रशासन की उदासीनता भी सवालों के घेरे में है। बता दें कि पिछले सप्ताह ही नगर परिषद प्रशासन द्वारा इस इलाके में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया था, लेकिन यह अभियान सिर्फ खानापूर्ति ही साबित हुआ। बता दें कि सड़क के पश्चिमी छोर पर जतकुटवा बस्ती वालों द्वारा न सिर्फ चाट का अतिक्रमण किया गया है, बल्कि अपना सिलबट्टा आदि रख दिया जाता है।

वहीं, दूसरी तरफ भी जानवरों को बांध, अवैध तरीके से काटे गए पेड़ो के डाल तथा अन्य सामान रख उसे अतिक्रमित कर लिया जाता है। जबकि पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। स्थानीय निवासी छोटे सिंह, बब्बलू सिंह, दिलीप आदि का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत नगर परिषद प्रशासन से की गई है, लेकिन नगर परिषद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि नगर परिषद के मौन सहमति से ही बस्ती वालों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इस संबंध में नगर एसडीएम राजीव कुमार का कहना है कि बारिश थमते ही इस जगह से अतिक्रमण हटाया जाएगा तथा सड़क की मरम्मत करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका निर्देश नगर परिषद प्रशासन को दिया जा रहा है।

