बच्चों के मॉडल में दिखा भविष्य का विज्ञान, ताजमहल से चंद्रयान तक बिखरी कल्पनाओं की उड़ान

किताबों में पढ़े विज्ञान को जब बच्चों ने अपने हाथों से मॉडल का आकार दिया तो विद्यालय परिसर कल्पनाओं और नवाचार का प्रयोगशाला बन गया। किसी मॉडल में चंद्रयान की झलक दिखी तो किसी ने सोलर फायर अलार्म के जरिए तकनीक की उपयोगिता समझाई।

बच्चों के मॉडल में दिखा भविष्य का विज्ञान, ताजमहल से चंद्रयान तक बिखरी कल्पनाओं की उड़ान

__  राइजिंग सन इंटरनेशन स्कूल में आयोजित हुआ था विज्ञान प्रदर्शनी, सोलर फायर अलार्म से वेस्ट मैनेजमेंट तक ने खींचा ध्यान, प्रयोग और नवाचार के जरिए विद्यार्थियों ने समझाया बदलती दुनिया में विज्ञान का महत्व

केटी न्यूज/डुमरांव।

किताबों में पढ़े विज्ञान को जब बच्चों ने अपने हाथों से मॉडल का आकार दिया तो विद्यालय परिसर कल्पनाओं और नवाचार का प्रयोगशाला बन गया। किसी मॉडल में चंद्रयान की झलक दिखी तो किसी ने सोलर फायर अलार्म के जरिए तकनीक की उपयोगिता समझाई। ताजमहल, बिजली, वेस्ट मैनेजमेंट समेत विभिन्न विषयों पर तैयार मॉडलों ने न सिर्फ अतिथियों और अभिभावकों का ध्यान खींचा, बल्कि यह भी साबित किया कि बच्चों की कल्पना को मंच मिले तो उसमें भविष्य की संभावनाएं दिखाई देने लगती हैं।राइजिंग सन इंटरनेशनल स्कूल में रविवार को आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनी का उद्घाटन डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी राजीव कुमार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे तथा विद्यालय के निदेशक ब्रह्म ठाकुर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने ताजमहल, वेस्ट मैनेजमेंट, सोलर फायर अलार्म सिस्टम, चंद्रयान और इलेक्ट्रिसिटी समेत कई विषयों पर आकर्षक मॉडल तैयार किए थे। खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने केवल मॉडल प्रस्तुत नहीं किए, बल्कि उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांत और दैनिक जीवन में उनकी उपयोगिता को भी अतिथियों एवं अभिभावकों के सामने विस्तार से समझाया। बच्चों के आत्मविश्वास और प्रस्तुति के अंदाज ने वहां मौजूद लोगों को प्रभावित किया।

विधायक राहुल कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों की आज की कल्पना ही कल की वैज्ञानिक उपलब्धियों की नींव बन सकती है। छोटी उम्र में विज्ञान को समझने, प्रयोग करने और अपनी सोच को मॉडल के माध्यम से प्रस्तुत करने की आदत भविष्य में उन्हें नई दिशा देगी। उन्होंने विद्यालय परिवार को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि बच्चों को रचनात्मक तरीके से विज्ञान से जोड़ने का यह प्रयास सराहनीय है।एसडीएम राजीव कुमार ने कहा कि प्रदर्शनी में बच्चों के प्रोजेक्ट देखकर उन्हें अपना स्कूली जीवन याद आ गया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और बेहतर तथा बड़े प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बच्चों को वैज्ञानिक सोच के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।विद्यालय निदेशक ब्रह्म ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थियों की नैसर्गिक प्रतिभा को सामने लाने और उन्हें रचनात्मक तरीके से सीखने का अवसर देने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शित सभी मॉडल बच्चों ने स्वयं तैयार किए हैं, जो उनकी प्रतिभा, मेहनत और सीखने की ललक को दर्शाता है।प्रदर्शनी में अतिश सिंह, वेदांग द्विवेदी, देव पाठक, लाल, अंशिका कुमारी, अंकित कुमार और समीक्षा वर्मा समेत कई विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अतिथियों ने एक-एक कर मॉडलों का अवलोकन किया और बच्चों से उनके प्रोजेक्ट से जुड़े सवाल भी पूछे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि के साथ प्रयोग, नवाचार और नई सोच की भावना को मजबूत किया।आयोजन को सफल बनाने में शिक्षक विशाल त्रिपाठी, रमाकांत दुबे, संजय उपाध्याय, संजय मुर्मू, इंद्रसेन सिंह और विजेंद्र कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में निदेशक एकेडमिक सिद्धार्थ ठाकुर ने अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के प्रति आभार जताते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।