सीड बॉल अभियान से बच्चों ने जगाई हरियाली की अलख, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
रघुनाथपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रघुनाथपुर में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों ने सीड बॉल तैयार कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि दक्षिण बिहार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वृक्षारोपण और हरित वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया।


__ विश्व पर्यावरण दिवस पर रघुनाथपुर में अनूठी पहल, "एक व्यक्ति-एक पेड़" के संकल्प के साथ हरित भविष्य निर्माण का आह्वान
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
रघुनाथपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रघुनाथपुर में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में बच्चों ने सीड बॉल तैयार कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि दक्षिण बिहार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वृक्षारोपण और हरित वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने "मिट्टी के लड्डू अभियान" के तहत लीची, नीम, बबूल, अशोक और गुलमोहर सहित विभिन्न प्रजातियों के बीजों से सीड बॉल तैयार की। इस गतिविधि का उद्देश्य अधिक से अधिक पौधों के प्राकृतिक तरीके से विकास को बढ़ावा देना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यावरण संरक्षण गतिविधि दक्षिण बिहार के जनसंवाद प्रमुख एवं पर्यावरण कार्यकर्ता शैलेश कुमार ओझा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन मनाने का विषय नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा दायित्व है। उन्होंने बच्चों को सीड बॉल निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि यह तकनीक कम लागत में बड़े पैमाने पर हरियाली बढ़ाने का प्रभावी माध्यम साबित हो रही है।उन्होंने बच्चों से अपील की कि गर्मी की छुट्टियों में यात्रा के दौरान वे अपने साथ सीड बॉल रखें और उपयुक्त स्थानों पर उन्हें डालें, ताकि वर्षा ऋतु में ये बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले सकें।

उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ लगाए और उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो धरती को हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।शैलेश ओझा ने बताया कि विश्व की आबादी आठ अरब से अधिक हो चुकी है। ऐसे में यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा भी लगाए तो अरबों नए वृक्ष धरती के पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत कर सकते हैं। इससे वायु प्रदूषण कम होगा, भूजल स्तर में सुधार आएगा और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में उपस्थित वागीश चौबे, नारायण कुमार, विकास पाराशर समेत अन्य पर्यावरण प्रेमियों ने भी इस पहल की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि पेड़-पौधे केवल ऑक्सीजन के स्रोत नहीं हैं, बल्कि जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और मानव जीवन की निरंतरता के आधार हैं। उन्होंने बिहार में कम वन क्षेत्र पर चिंता व्यक्त करते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प लिया। बच्चों का उत्साह और सहभागिता पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रही।

