परीक्षा केंद्र के बाहर ‘शिक्षा संकल्प अभियान’, बेटियों के सपनों को मिला सामाजिक संबल

डुमरांव में मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। जहां एक ओर परीक्षा को लेकर छात्रों के चेहरों पर तनाव साफ झलक रहा था, वहीं दूसरी ओर समाज के कुछ जागरूक लोगों ने इस माहौल को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने की पहल की। सुमित्रा महाविद्यालय परीक्षा केंद्र के समीप स्थानीय समाजसेवियों द्वारा ‘शिक्षा संकल्प अभियान’ चलाकर परीक्षार्थियों, खासकर छात्राओं, का उत्साह बढ़ाया गया।

परीक्षा केंद्र के बाहर ‘शिक्षा संकल्प अभियान’, बेटियों के सपनों को मिला सामाजिक संबल

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव में मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। जहां एक ओर परीक्षा को लेकर छात्रों के चेहरों पर तनाव साफ झलक रहा था, वहीं दूसरी ओर समाज के कुछ जागरूक लोगों ने इस माहौल को सकारात्मक ऊर्जा में बदलने की पहल की। सुमित्रा महाविद्यालय परीक्षा केंद्र के समीप स्थानीय समाजसेवियों द्वारा ‘शिक्षा संकल्प अभियान’ चलाकर परीक्षार्थियों, खासकर छात्राओं, का उत्साह बढ़ाया गया।इस पहल का उद्देश्य केवल कलम और मिठाई बांटना नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देना था।

समाजसेवी राजकुमार कुंवर और राजीव रंजन सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों छात्राओं को परीक्षा से पहले शुभकामनाएं दी गईं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान शिक्षा को बेटियों के सशक्तिकरण की कुंजी बताते हुए लोगों से अपील की गई कि वे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को व्यवहार में उतारें। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण परिवेश की छात्राओं को आगे बढ़ाने में समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यदि समुदाय सकारात्मक वातावरण तैयार करे, तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी।

परीक्षार्थियों ने इस पहल को मनोबल बढ़ाने वाला कदम बताया। कई छात्राओं ने कहा कि परीक्षा के दबाव के बीच मिले इस प्रोत्साहन से आत्मविश्वास दोगुना हो गया। अभिभावकों ने भी इसे सराहनीय प्रयास बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन से बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित होती है।नगर में इस प्रकार का सामाजिक अभियान पहली बार देखने को मिला, जिसने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी भी है।