अतिक्रमण हटाने में सुस्ती से बढ़ी परेशानी, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
सोनवर्षा बाजार की मुख्य सड़क कुंवर पथ पर लगातार लग रहे जाम ने अब प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनएच-319 से केसठ और नावानगर प्रखंड को जोड़ने वाला यह व्यस्त मार्ग अतिक्रमण और अव्यवस्थित बाजार के कारण रोज घंटों जाम से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या नई नहीं है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
केटी न्यूज/नावानगर
सोनवर्षा बाजार की मुख्य सड़क कुंवर पथ पर लगातार लग रहे जाम ने अब प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनएच-319 से केसठ और नावानगर प्रखंड को जोड़ने वाला यह व्यस्त मार्ग अतिक्रमण और अव्यवस्थित बाजार के कारण रोज घंटों जाम से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या नई नहीं है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है। बाजार क्षेत्र में कई लोगों ने सड़क और फुटपाथ की जमीन पर मकान, दुकान एवं पक्का चबूतरा बनाकर स्थायी अतिक्रमण कर रखा है। इसके अलावा स्थायी दुकानदारों द्वारा छज्जा बढ़ाकर फुटपाथ घेर लिया गया है, वहीं सब्जी, मछली और मीट विक्रेता सड़क पर ही दुकानें सजा देते हैं।

इससे सड़क की वास्तविक चौड़ाई काफी कम हो गई है। नतीजतन, हल्की-सी भी भीड़ या एक वाहन के रुकते ही लंबा जाम लग जाता है। खासकर सुबह और शाम के समय स्थिति और भी विकट हो जाती है। स्थानीय व्यापारियों का तर्क है कि बाजार में समुचित वेंडिंग जोन या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से वे मजबूरन सड़क किनारे दुकान लगाते हैं। इधर आम नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को नियमित अभियान चलाकर सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराना चाहिए और स्थायी समाधान निकालना चाहिए। लगातार जाम से स्कूली बच्चों, मरीजों और यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। लोगों ने जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर यातायात व्यवस्था सुधारने और सोनवर्षा बाजार को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की

