डुमरांव थाना में एसपी का औचक निरीक्षण, 137 लंबित कांड देख भड़के, लापरवाही पर सख्त चेतावनी
डुमरांव थाने का बुधवार को एसपी शुभम आर्य ने औचक निरीक्षण किया। एसपी के थाना परिसर में प्रवेश करते ही अधिकारियों और कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना की कार्यप्रणाली, अभिलेखों की स्थिति, कांड रजिस्टर, लंबित मामलों, वारंट निष्पादन और जन शिकायत से जुड़े कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अब लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-- जन शिकायत डायरी से लेकर वारंट निष्पादन तक मिली भारी खामियां, एक सप्ताह में सुधार का अल्टीमेटम
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव थाने का बुधवार को एसपी शुभम आर्य ने औचक निरीक्षण किया। एसपी के थाना परिसर में प्रवेश करते ही अधिकारियों और कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना की कार्यप्रणाली, अभिलेखों की स्थिति, कांड रजिस्टर, लंबित मामलों, वारंट निष्पादन और जन शिकायत से जुड़े कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि अब लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के क्रम में सामने आया कि डुमरांव थाना में कुल करीब 137 आपराधिक मामले लंबित हैं। मामलों की इतनी बड़ी संख्या देखकर एसपी ने गहरी नाराजगी जाहिर की और इसे थानास्तर पर गंभीर शिथिलता का परिणाम बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी लंबित कांडों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। एसपी ने कहा कि लंबित मामलों का बोझ केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि आम जनता के न्याय से जुड़ा प्रश्न है।

-- जन शिकायत डायरी बनी चिंता का विषय
निरीक्षण के दौरान जन शिकायत से संबंधित डायरी अद्यतन नहीं पाई गई। इस पर एसपी ने खेद जताते हुए कहा कि जन शिकायत डायरी थाना की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। उन्होंने थानाध्यक्ष को सख्त निर्देश दिया कि इसे नियमित रूप से अपडेट किया जाए और शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध न्याय दिलाया जाए। एसपी ने दो टूक कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई तय है।
-- लंबित वारंट पर एसपी का सख्त रुख
न्यायालय द्वारा निर्गत वारंटों की समीक्षा में भी कई खामियां उजागर हुईं। बड़ी संख्या में वारंट लंबित पाए गए, जिस पर एसपी और अधिक सख्त नजर आए। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाती है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। एसपी ने निर्देश दिया कि सभी लंबित वारंटों का त्वरित निष्पादन किया जाए, अन्यथा संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

-- आईओ की व्यक्तिगत समीक्षा, स्पष्टीकरण तलब
कांडों की समीक्षा के दौरान एसपी ने सभी अनुसंधान पदाधिकारियों (आईओ) की एक-एक कर प्रगति रिपोर्ट देखी। इसी क्रम में एक कांड में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर आईओ नवीन श्रीवास्तव से स्पष्टीकरण मांगा गया। एसपी ने कहा कि अनुसंधान कार्य में पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति तीनों अनिवार्य हैं। किसी भी स्तर पर ढिलाई अपराध नियंत्रण में बाधा बनेगी।
-- एक सप्ताह का अल्टीमेटम
निरीक्षण के दौरान मौजूद सर्किल इंस्पेक्टर को एसपी ने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित कांडों के निष्पादन की स्थिति में ठोस सुधार दिखना चाहिए। साथ ही एसडीपीओ पोलस्त कुमार को नियमित समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट कार्यालय को सौंपने का आदेश दिया गया।एसपी के इस औचक निरीक्षण से थाना परिसर में देर तक हलचल बनी रही। निरीक्षण के बाद यह साफ संदेश दे दिया गया कि डुमरांव थाना में अब जवाबदेही तय होगी और काम में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होकर रहेगी।

