थाने में जवाबदेही की परीक्षा: एसपी शुभम आर्य का मुफस्सिल थाना ‘ऑडिट, लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
जिले के मुफस्सिल थाना में उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब पुलिस अधीक्षक शुभम आर्या अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। यह निरीक्षण औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि करीब पांच घंटे तक चले गहन ‘थाना ऑडिट’ में पुलिस व्यवस्था की हर परत को खंगाला गया। अभिलेखों से लेकर अनुसंधान की गुणवत्ता और जनता से जुड़े मामलों की स्थिति तक, हर बिंदु पर एसपी की पैनी नजर रही।
केटी न्यूज/चौसा
जिले के मुफस्सिल थाना में उस समय प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब पुलिस अधीक्षक शुभम आर्या अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। यह निरीक्षण औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि करीब पांच घंटे तक चले गहन ‘थाना ऑडिट’ में पुलिस व्यवस्था की हर परत को खंगाला गया। अभिलेखों से लेकर अनुसंधान की गुणवत्ता और जनता से जुड़े मामलों की स्थिति तक, हर बिंदु पर एसपी की पैनी नजर रही।निरीक्षण के दौरान एसपी ने लंबित कांडों की फाइलें स्वयं पलटीं और स्पष्ट संदेश दिया कि अब पुराने मामलों को ठंडे बस्ते में रखने की संस्कृति नहीं चलेगी।

उन्होंने अनुसंधान अधिकारियों को समयबद्ध, निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।थाना परिसर के निरीक्षण में हाजत, मालखाना, अभिलेख कक्ष और कार्यालय व्यवस्था की भी बारीकी से जांच की गई। साफ-सफाई, सुरक्षा मानकों और मालखाना प्रबंधन में सुधार के लिए तत्काल दिशा-निर्देश दिए गए। गश्ती व्यवस्था, वारंट निष्पादन और विधि-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए एसपी ने क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।

निरीक्षण का सबसे अहम पहलू रहा जनता से सीधा संवाद। थाना पहुंचे फरियादियों की शिकायतें एसपी ने स्वयं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता की शिकायतों पर टालमटोल या संवेदनहीनता अब बर्दाश्त नहीं होगी।इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पांडेय, मुफस्सिल थाना प्रभारी शम्भू भगत समेत अन्य पुलिस अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। एसपी का यह निरीक्षण जिले में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

