एनएच-922 पर रफ्तार का कहर: रांग साइड ओवरटेक में ट्रक पलटा, इलाज के दौरान चालक की मौत
गुरुवार की अहले सुबह एक बार फिर रफ्तार और रांग साइड परिचालन ने एनएच-922 पर कहर बरपा दिया। नया भोजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतापसागर पेट्रोल पंप के समीप ओवरटेक करने के दौरान एक अनियंत्रित ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि चालक का कमर के नीचे का हिस्सा बुरी तरह दब गया। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल इलाज के लिए भेजा गया।

-- प्रतापसागर पेट्रोल पंप के पास हादसा, फोरलेन बना ‘मौत का कुआं, रांग साइड परिचालन का आरोप
केटी न्यूज/बक्सर
गुरुवार की अहले सुबह एक बार फिर रफ्तार और रांग साइड परिचालन ने एनएच-922 पर कहर बरपा दिया। नया भोजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतापसागर पेट्रोल पंप के समीप ओवरटेक करने के दौरान एक अनियंत्रित ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि चालक का कमर के नीचे का हिस्सा बुरी तरह दब गया। गंभीर रूप से घायल चालक को तत्काल इलाज के लिए भेजा गया। प्राथमिक इलाज के बाद उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। स्वजन उसे लेकर वाराणसी चले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

चालक की पहचान कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के लेवाड़ गांव निवासी रामाश्रय यादव के 35 वर्षीय पुत्र शैलेश यादव के रूप में हुई है। नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि स्वजन उसे इलाज के लिए लेकर वाराणसी गए थे, लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि शाम तक इस संबंध में किसी तरह का आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। वही, घटना के बाद से मृतक के स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। स्वजनों के क्रंदन चित्कार से गांव का माहौल गमगीन हो गया है। बता दें कि पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक तेज रफ्तार में था और रांग साइड से आगे निकलने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे पलट गया। टक्कर के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से चालक को किसी तरह बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात बहाल कराया।ग्रामीणों ने बताया कि प्रतापसागर पेट्रोल पंप के आसपास का इलाका पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है। ओवरलोड और तेज रफ्तार ट्रकों का दबाव, साथ ही रांग साइड ड्राइविंग की खुली छूट, दुर्घटनाओं को न्योता दे रही है।

बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने रांग साइड परिचालन पर सख्ती से रोक लगाने तथा नियमित ट्रैफिक मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक रफ्तार और लापरवाही की भेंट चढ़ते रहेंगे लोग, प्रशासन की नींद कब टूटेगी और एनएच-922 पर मौत का यह सिलसिला कब थमेगा।

