गैस एजेंसियों पर सख्ती: स्टॉक शून्य मिला तो होगी कार्रवाई, कालाबाजारी पर प्रशासन का कड़ा शिकंजा
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आमजन से जुड़े आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और कालाबाजारी पर नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए। बैठक में गैस सिलेंडर, उर्वरक तथा अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया गया।
__ डीएम की आपदा समीक्षा बैठक में निर्देश—हर हाल में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करें, उर्वरक व सिलेंडर जमाखोरी पर त्वरित कार्रवाई
केटी न्यूज/बक्सर
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आमजन से जुड़े आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और कालाबाजारी पर नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए। बैठक में गैस सिलेंडर, उर्वरक तथा अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक के दौरान डुमरांव स्थित एचपी गैस एजेंसी ‘माता श्री’ द्वारा स्टॉक शून्य रखे जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एजेंसी से स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया। साथ ही अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर एवं डुमरांव को निर्देशित किया गया कि वे गैस एजेंसियों के स्टॉक की नियमित जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति में गैस एजेंसियों पर स्टॉक शून्य नहीं होना चाहिए। जिन एजेंसियों पर बुकिंग अधिक हो रही है, वहां अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध कराने के लिए समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि गैस सिलेंडर से संबंधित कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना मिलने पर तत्काल भौतिक सत्यापन करें और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसी तरह उर्वरक की कालाबाजारी पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को जांच कर अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

पुलिस अधीक्षक ने भी बैठक में सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि चौकीदारों के माध्यम से जिले में बाहर से लौटे प्रवासी मजदूरों का विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाए, ताकि आपदा या अन्य परिस्थितियों में उनकी सहायता और निगरानी बेहतर ढंग से की जा सके।जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी अभियान तेज करने का निर्देश दिया। इसके लिए अलग से काउंटर लगाने को कहा गया, जिससे लोगों को लंबी कतारों या असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि किसी उपभोक्ता को बिना गैस उठाव के मैसेज प्राप्त होता है, तो इसकी गंभीरता से जांच की जाए, अन्यथा संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को स्थानीय गैस एजेंसियों के स्टॉक का नियमित सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे आमजन को फिलहाल किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।प्रशासन के इन सख्त निर्देशों से यह स्पष्ट है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

