घाटों पर सुरक्षा का सख्त पहरा: नियम तोड़ने पर तुरंत कार्रवाई
जिले के प्रमुख घाटों पर नाव संचालन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सुरक्षा मानकों के पालन को अनिवार्य कर दिया है। रविवार को रामरेखा घाट पर चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

केटी न्यूज/बक्सर
जिले के प्रमुख घाटों पर नाव संचालन को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सुरक्षा मानकों के पालन को अनिवार्य कर दिया है। रविवार को रामरेखा घाट पर चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस उपाधीक्षक गौरव कुमार पांडेय ने नाविकों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नदी में नाव संचालन पूरी तरह से निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे कार्रवाई को आमंत्रित करेगी।

अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी नावों पर नाविकों का मोबाइल नंबर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में अंकित होना जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में तत्काल संपर्क स्थापित किया जा सके। इसके साथ ही प्रत्येक नाव में पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना लाइफ जैकेट के किसी भी नाव को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।ओवरलोडिंग को लेकर प्रशासन ने विशेष सख्ती दिखाई है। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर मौके पर ही साक्ष्य संकलित कर जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेगा, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।इसके अलावा नाविकों को आपसी समन्वय के लिए एक समिति गठित करने की सलाह दी गई, जो समस्याओं और सुझावों को प्रशासन तक पहुंचाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों या विशेष परिस्थितियों में नाव संचालन पर रोक लगाई जा सकती है।घाट पर मौजूद लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम बताया है।

