भूली-बिसरी धरोहरों के खोजी बने जिले के नायक
सदियों पुरानी पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को खोजने की मुहिम अब बक्सर में जनअभियान का रूप लेती नजर आ रही है। ज्ञान भारतम मिशन के तहत जिले में चल रहे पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को नई ऊर्जा उस समय मिली, जब समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला ने इस कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले देवेंद्र सिंह और राज कुमार भारती को सम्मानित किया।


--पांडुलिपियों की तलाश में जुटे लोगों को डीएम ने किया सम्मानित, गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी
केटी न्यूज/बक्सर
सदियों पुरानी पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को खोजने की मुहिम अब बक्सर में जनअभियान का रूप लेती नजर आ रही है। ज्ञान भारतम मिशन के तहत जिले में चल रहे पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को नई ऊर्जा उस समय मिली, जब समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला ने इस कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले देवेंद्र सिंह और राज कुमार भारती को सम्मानित किया।यह सम्मान केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के प्रयासों की पहचान माना जा रहा है जो गांवों, पुराने घरों, मंदिरों और निजी संग्रहों में सुरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों को सामने लाने में जुटे हैं। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इतिहास और ज्ञान की ये धरोहरें आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य संपत्ति हैं और इन्हें सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास वर्षों पुरानी धार्मिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक पांडुलिपियां मौजूद रहती हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में वे उपेक्षित रह जाती हैं। ऐसे में जो लोग इन दस्तावेजों की खोज और पहचान में सहयोग कर रहे हैं, वे वास्तव में संस्कृति संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि जिन लोगों ने पांडुलिपियों की जानकारी दी है या खोज में मदद की है, लेकिन किसी कारणवश सम्मान समारोह में शामिल नहीं हो सके, उन्हें भी अलग से सम्मानित किया जाए। उनका मानना है कि सम्मान मिलने से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और अधिक लोग इस अभियान से जुड़ेंगे।

जिलाधिकारी ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न प्रखंडों और गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि लोग अपने घरों में सुरक्षित पुराने दस्तावेजों और हस्तलिखित ग्रंथों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकें।इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सम्मानित व्यक्तियों की सराहना करते हुए कहा कि सांस्कृतिक विरासत को बचाने में समाज और प्रशासन की साझेदारी बेहद जरूरी है।समारोह का माहौल उस समय खास हो गया जब सम्मानित लोगों ने भी इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। प्रशासन को उम्मीद है कि बक्सर की धरती से जुड़ी कई ऐतिहासिक जानकारियां और दुर्लभ पांडुलिपियां अब धीरे-धीरे सामने आएंगी, जिससे जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।

