टीआरई - 3.0 के अभ्यर्थियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है सरकार - डॉ. सत्येंद्र कुमार ओझा

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारत की जनवादी नौजवान सभा के नेता धीरेंद्र कुमार चौधरी व कांग्रेस नेता डॉ. सत्येंद्र ओझा की अगुवाई में टीआरई 3.0 के अभ्यर्थियों के समर्थन में एक विरोध मार्च निकाला गया। जिसका नेतृत्व कांग्रेस नेता डॉ. सत्येंद्र कुमार ओझा ने किया।

टीआरई - 3.0 के अभ्यर्थियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है सरकार - डॉ. सत्येंद्र कुमार ओझा

- टीआरई 3.0 के शिक्षक अभ्यर्थियों को गृह जिला आवंटित करे सरकार,  विरोध मार्च निकाल शिक्षकों के प्रति राज्य सरकार के गलत नीतियों का किया गया विरोध 

केटी न्यूज/बक्सर

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भारत की जनवादी नौजवान सभा के नेता धीरेंद्र कुमार चौधरी व कांग्रेस नेता डॉ. सत्येंद्र ओझा की अगुवाई में टीआरई 3.0 के अभ्यर्थियों के समर्थन में एक विरोध मार्च निकाला गया। जिसका नेतृत्व कांग्रेस नेता डॉ. सत्येंद्र कुमार ओझा ने किया। 

यह विरोध मार्च सिंडिकेट नहर से शहीद- ए- आजम भगत सिंह पार्क तक शहर के मुख्य मार्ग से होते हुए पहुंचा। जिसके बाद वहीं पर एक आम सभा का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस नेता डॉ. सत्येंद्र कुमार ओझा एवं रमेश राम ने संयुक्त रूप से किया तथा मंच संचालनयुवा कांग्रेस जिला महासचिव रमेश राम, अजय कुमार ओझा एवं बिहार युवा प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया। 

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. सत्येंद्र ओझा ने कहा कि जिस प्रकार शिक्षक बहाली में सरकार और सरकार के अधिकारी आपाधापी एवं कंफ्यूजन में निर्णय ले रहे हैं, वह बिहार की छवि को लगातार धूमिल कर रही है। सरकार की गलत नीतियों के कारण बिहार के युवा बेरोजगार रहने के लिए विवश हैं। आरक्षण का लाभ दूसरे राज्य के अभ्यर्थियों को दिया जा रहा है। डोमिसाइल नीति लागू न करके सरकार तरह-तरह से अभ्यर्थियों के खिलाफ षड्यंत्र रच रही है। रोजगार के अभाव में बिहार के युवा पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं

जबकि राज्य सरकार दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ देकर उन्हें यहां नौकरियां प्रदान कर रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रधान शिक्षक, सक्षमता पास तथा अन्य शिक्षकों की ट्रांसफर पोस्टिंग में भी बड़े स्तर पर खेल हो रहा है। उनकी पोस्टिंग की जा रही है परंतु एकमात्र टीआरआई 3.0 के अभ्यर्थियों को 300 से 500 किलोमीटर दूर जिला आवंटन किया गया है।

जिनकी संख्या लगभग 75 प्रतिशत से ऊपर है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का जिला 300 से 400 किलोमीटर दूर होने की स्थिति में सरकार ने बेशर्मी से तीन प्रखंड चुनाव का ऑप्शन चुनने के लिए पत्र निकाला है कि टीआरई - 3.0 के अभ्यर्थी प्रखंडों का चुनाव आवंटित जिलों में चुनाव करें। बिहार के शिक्षक अभ्यर्थी ऊपापोह की स्थिति में है जिस जिले से उनका कोई भी कम्युनिकेशन नहीं है उस स्थान को जानते नहीं तो फिर किस आधार पर वह अपने चॉइस का प्रखंड का चुनाव करें।

बड़े स्तर पर महिला शिक्षक अभ्यर्थियों को दूर दराज के जिला में भेज दिया गया है और उन्हें प्रखंड चुनने के लिए मजबूर किया जा रहा है। दिव्यांग और वे जिनके माता-पिता उन्हें पर आश्रित है, उनके परिवार की स्थिति को खराब करने के लिए यह काफी होगा कि उन्हें 300 से 400 किलोमीटर दूर घर से बेघर करके जिला आवंटन और प्रखंड आवंटन किया जाए सरकार से संगठन मांग करता है की हेड मास्टर है टीचर साक्षमता पास और 1.90 लाखे के तर्ज पर टीआरई - 3.0 के अभ्यर्थियों को भी अपने गृह जिला में आवंटन कर उन्हें प्रखंड चुनने का अवसर प्रदान किया जाए,

ताकि वह मानसिक रूप से संतुलित होकर शिक्षण कार्य कर सकें तथा अपने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों का निर्वाह कर सकें।धन्यवाद ज्ञापन इशांत त्रिवेदी प्रदेश महासचिव एनएसयूआई, वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिलोकी मिश्रा, निहाल खान और महबूब आलम ने किया। मौके पर लकी जायसवाल, उमेश कुमार, संजय यादव, लालू कुमार, दिनेश राम, अखिलेश कुमार, प्रिंस कुमार सहित दर्जनों साथी उपस्थित रहे।