जिसे आंचल में मिलना था सुकून, उसे झाड़ियों में छोड़ गई बेरहम मां

रात के सन्नाटे में झाड़ियों से आती एक मासूम की रोने की आवाज ने वहां मौजूद लोगों को झकझोर दिया। जिस नन्हीं जान को मां की गोद और आंचल की गर्माहट मिलनी चाहिए थी, वह सड़क किनारे झाड़ियों में कपड़े में लिपटी जिंदगी की जंग लड़ रही थी। मामला मुरार थाना क्षेत्र के मसर्हिया मनपा पुल के पास मंगलवार की रात करीब नौ बजे का है।

जिसे आंचल में मिलना था सुकून, उसे झाड़ियों में छोड़ गई बेरहम मां

__ मसर्हिया मनपा पुल के पास कपड़े में लिपटी मिली नवजात बच्ची, रोने की आवाज सुनकर लोगों ने दी पुलिस को सूचना; 24 घंटे निगरानी के बाद चाइल्ड विभाग को सौंपा

केटी न्यूज/चौगाईं।

रात के सन्नाटे में झाड़ियों से आती एक मासूम की रोने की आवाज ने वहां मौजूद लोगों को झकझोर दिया। जिस नन्हीं जान को मां की गोद और आंचल की गर्माहट मिलनी चाहिए थी, वह सड़क किनारे झाड़ियों में कपड़े में लिपटी जिंदगी की जंग लड़ रही थी। मामला मुरार थाना क्षेत्र के मसर्हिया मनपा पुल के पास मंगलवार की रात करीब नौ बजे का है। नवजात बच्ची मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।बताया जाता है कि पुल के पास मौजूद कुछ लोगों ने अचानक बच्ची के रोने की आवाज सुनी। आवाज का पीछा करते हुए जब लोग झाड़ियों के पास पहुंचे तो वहां कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची दिखाई दी। मासूम को इस हालत में देखकर लोगों ने तत्काल मुरार थाना पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही गश्ती दल में शामिल एएसआई नवीन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने झाड़ियों से नवजात बच्ची को बाहर निकाला और सुरक्षित तरीके से चौगाईं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्ची की प्राथमिक जांच और उपचार किया। फिलहाल बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है।सीएचसी प्रभारी डॉ. मितेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा नवजात को अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची को करीब 24 घंटे चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। इसके बाद नियमानुसार उसे बक्सर चाइल्ड विभाग की टीम को सौंप दिया गया।

इधर, इतनी छोटी बच्ची को सुनसान जगह पर छोड़ दिए जाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किस परिस्थिति में नवजात को जन्म के बाद झाड़ियों में छोड़ दिया गया और उसे वहां कौन छोड़कर गया, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। हालांकि, रात के अंधेरे में अगर लोगों को बच्ची के रोने की आवाज नहीं सुनाई देती तो उसकी जिंदगी पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता था। फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी है।