मिशन अनुसंधान” की हकीकत उजागर: मुरार थाने में 16 मामले ठंडे बस्ते में, सीआई का सख्त अल्टीमेटम
डुमरांव अनुमंडल के मुरार थाना में कानून-व्यवस्था की असली तस्वीर उस समय सामने आ गई, जब अंचल निरीक्षक अरविंद कुमार ने अचानक औचक निरीक्षण किया। “मिशन अनुसंधान” के तहत हुए इस निरीक्षण में थाने में 16 आपराधिक कांड लंबित पाए गए, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए।
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव अनुमंडल के मुरार थाना में कानून-व्यवस्था की असली तस्वीर उस समय सामने आ गई, जब अंचल निरीक्षक अरविंद कुमार ने अचानक औचक निरीक्षण किया। “मिशन अनुसंधान” के तहत हुए इस निरीक्षण में थाने में 16 आपराधिक कांड लंबित पाए गए, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए।निरीक्षण के दौरान केस डायरी, वारंट निष्पादन, कुर्की-जब्ती और अनुसंधान की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। कई मामलों में अपेक्षित गति नहीं मिलने पर सीआई ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अब लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का सीधा असर आम जनता के भरोसे पर पड़ता है और यह स्थिति सुधारनी ही होगी।सूत्रों के अनुसार, कुछ कांडों में अनुसंधान की रफ्तार बेहद धीमी पाई गई। इस पर सीआई ने अनुसंधानकर्ताओं को कड़ी फटकार लगाई और समयबद्ध तरीके से आरोप-पत्र समर्पित करने के निर्देश दिए। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने और लंबित वारंटों के निष्पादन में तेजी लाने को भी कहा गया।

निरीक्षण केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहा। हाजत कक्ष, मालखाना, अभिलेख संधारण और थाने की साफ-सफाई की भी बारीकी से जांच की गई। सीआई ने पारदर्शी और जवाबदेह पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण ही बेहतर कानून-व्यवस्था की पहचान है।थानाध्यक्ष नेहा कुमारी ने भरोसा दिलाया कि लंबित मामलों के निष्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, अब नजर इस बात पर रहेगी कि सख्त चेतावनी के बाद मुरार थाना वाकई रफ्तार पकड़ता है या नहीं।

