"जनता की बुनियादी सुविधाओं से समझौता नहीं होगा" : राहुल सिंह

"जनता की बुनियादी सुविधाओं से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा। जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां जवाबदेही तय कर कार्रवाई कराई जाएगी।" यह बात डुमरांव के विधायक राहुल कुमार सिंह ने शनिवार को अनुमंडलीय अस्पताल और रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान कही।

"जनता की बुनियादी सुविधाओं से समझौता नहीं होगा" : राहुल सिंह

__ डुमरांव अस्पताल में एमएनसीयू और सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी, रेलवे स्टेशन के चार साल से बंद शौचालय को तीन दिन में चालू कराने का दिया निर्देश

केटी न्यूज/डुमरांव :

"जनता की बुनियादी सुविधाओं से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा। जहां भी लापरवाही मिलेगी, वहां जवाबदेही तय कर कार्रवाई कराई जाएगी।" यह बात डुमरांव के विधायक राहुल कुमार सिंह ने शनिवार को अनुमंडलीय अस्पताल और रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान कही। एक ही दिन में दो प्रमुख सार्वजनिक संस्थानों का जायजा लेते हुए विधायक ने स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं तक की स्थिति पर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।सबसे पहले विधायक ने डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों, शौचालयों, दवा भंडार और मरीजों की सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई शौचालयों में गंदगी और रखरखाव की कमी सामने आई, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया।

इसके बाद उन्होंने अस्पताल के एमएनसीयू (मदर एंड न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का निरीक्षण किया, जहां आधुनिक संसाधनों के बावजूद नियमित संचालन नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई।प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शिव कुमार चौधरी ने विधायक को बताया कि यूनिट के सुचारू संचालन के लिए कम से कम चार डॉक्टरों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में केवल एक डॉक्टर उपलब्ध हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार सप्ताह में सिर्फ दो दिन सेवाएं देते हैं, जिससे शेष दिनों में यूनिट का संचालन प्रभावित रहता है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में कई बार विभाग को अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

इस पर विधायक राहुल सिंह ने कहा, "सरकार ने अस्पताल को आधुनिक मशीनें और भवन उपलब्ध कराए हैं, लेकिन डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी नहीं होने से आम लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। हम अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे। अस्पताल प्रशासन दोबारा विभाग को पत्र भेजे, मैं स्वयं भी संबंधित अधिकारियों से बात कर आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास करूंगा।"उन्होंने कहा कि डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में प्रसव होते हैं और गंभीर नवजातों के इलाज के लिए एमएनसीयू का नियमित संचालन अत्यंत आवश्यक है। मरीजों से बातचीत के दौरान मिली शिकायतों पर भी उन्होंने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।

अस्पताल निरीक्षण के बाद विधायक रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने चार वर्षों से बंद पड़े जन प्रसाधन की स्थिति देखी। यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2022 में निर्मित शौचालय अब तक शुरू नहीं हो सका है और वर्तमान में उसके मुख्य प्रवेश द्वार पर मोटरसाइकिलें खड़ी कर अस्थायी बाइक स्टैंड बना दिया गया है। उपयोग नहीं होने के कारण भवन की स्थिति भी खराब हो चुकी है।इस पर विधायक ने स्टेशन प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए तीन दिनों के भीतर शौचालय को हर हाल में चालू कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, "रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थल पर शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा वर्षों तक बंद रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है, जबकि सरकारी धन से बना भवन बेकार पड़ा है। अब इसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

जानकारी के अनुसार, शौचालय के हस्तांतरण और पानी की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय नहीं बनने के कारण यह सुविधा वर्षों से शुरू नहीं हो सकी। वर्ष 2023 में तत्कालीन डीआरएम द्वारा भी इसे चालू कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन आदेश अमल में नहीं आ सका।निरीक्षण के अंत में विधायक राहुल सिंह ने कहा कि जनता से जुड़े हर मुद्दे पर उनकी प्राथमिकता केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम सुनिश्चित कराना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य हो या रेलवे, जहां भी लापरवाही मिलेगी वहां जवाबदेही तय कर आम लोगों को उनकी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।