थर्मल प्लांट हादसा: बॉयलर गिरने से मजदूर की मौत, परिजनों को मुआवजा व पेंशन का ऐलान

जिले में कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। थर्मल पावर प्लांट में काम के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में बक्सर जिले के निवासी मजदूर राजकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि ड्यूटी के दौरान अचानक ऊपर से भारी बॉयलर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से उनकी जान चली गई। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई, वहीं मृतक के घर में कोहराम मच गया।

थर्मल प्लांट हादसा: बॉयलर गिरने से मजदूर की मौत, परिजनों को मुआवजा व पेंशन का ऐलान

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। थर्मल पावर प्लांट में काम के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में बक्सर जिले के निवासी मजदूर राजकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि ड्यूटी के दौरान अचानक ऊपर से भारी बॉयलर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से उनकी जान चली गई। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई, वहीं मृतक के घर में कोहराम मच गया।हादसे की सूचना मिलते ही सदर विधायक आनंद मिश्र ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और पावर प्लांट प्रबंधन से संपर्क किया।उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत दिलाने और जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई की मांग की।

विधायक के हस्तक्षेप के बाद मुआवजा और सहायता को लेकर ठोस निर्णय सामने आए।प्रशासनिक स्तर पर यह तय किया गया कि मृतक के परिवार को नियमित आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। इसके तहत राजकुमार के बच्चे को 25 वर्ष की आयु तक 750 प्रतिमाह की सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि उसकी शिक्षा और भविष्य प्रभावित न हो। वहीं मृतक की पत्नी को 2900 प्रतिमाह आजीवन पेंशन देने की व्यवस्था की गई है।इसी क्रम में पावर मेक कंपनी ने भी मुआवजे की घोषणा की। कंपनी ने मृतक की पत्नी संगीता देवी को कुल 11 लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है।

इसमें से 1 लाख रुपये अंतिम संस्कार के लिए तत्काल प्रदान किए गए हैं, जबकि शेष 10 लाख रुपये 10 दिनों के भीतर डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से उनके बैंक खाते में जमा किए जाएंगे।इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े सुरक्षा मानकों को लागू करने की मांग की है। वहीं त्वरित मुआवजा और पेंशन की घोषणा से पीड़ित परिवार को कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन हादसे की पीड़ा आज भी परिवार और क्षेत्रवासियों के मन में गहरी है।