डुमरांव में अंतरजिला छिनतई गिरोह के तीन उचक्के गिरफ्तार, 1.38 लाख नगद और बाइक जब्त

डुमरांव में बैंक ग्राहकों को निशाना बनाकर उचक्कागिरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। फेरीवाले की आड़ में इलाके में घूमने वाला यह गिरोह बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों की रेकी करता था और मौका मिलते ही रुपये पार कर देता था। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 1 लाख 38 हजार रुपये नकद तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले का खुलासा एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान किया।

डुमरांव में अंतरजिला छिनतई गिरोह के तीन उचक्के गिरफ्तार, 1.38 लाख नगद और बाइक जब्त

__ फेरीवाले बनकर बैंक ग्राहकों पर रखते थे नजर, मौका मिलते ही देते थे घटना को अंजाम, एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी 

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव में बैंक ग्राहकों को निशाना बनाकर उचक्कागिरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। फेरीवाले की आड़ में इलाके में घूमने वाला यह गिरोह बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों की रेकी करता था और मौका मिलते ही रुपये पार कर देता था। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से 1 लाख 38 हजार रुपये नकद तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले का खुलासा एसडीपीओ पोलस्त कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान किया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छपरा जिले के कोपा गांव निवासी धानु कुमार और दिलीप कुमार, दोनों पिता पप्पू तिवारी, तथा मांझी गांव निवासी विक्की तिवारी पिता दुधनाथ तिवारी के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार तीनों लंबे समय से बक्सर और आसपास के इलाकों में सक्रिय थे तथा सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे।एसडीपीओ ने बताया कि डुमरांव थाना क्षेत्र के एक बैंक के आसपास दो युवक संदिग्ध स्थिति में घूमते दिखाई दिए थे। लगातार बढ़ रही उचक्कागिरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस पहले से सतर्क थी। शक के आधार पर दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआती पूछताछ में ही दोनों ने कई अहम खुलासे किए, जिसके बाद पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो गया।पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बक्सर में तंबू लगाकर रहते थे और चादर फेरी का काम करते थे।

इसी बहाने वे अलग-अलग बैंक शाखाओं के आसपास घूमते रहते थे। बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले ग्राहकों को चिन्हित करने के बाद उनका पीछा किया जाता था। फिर भीड़भाड़ या सुनसान स्थान पर मौका मिलते ही जेब या बैग से रुपये उड़ा लिए जाते थे। कई मामलों में पीड़ितों को काफी देर बाद घटना की जानकारी हो पाती थी।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हाल के दिनों में हुई कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। कुछ दिन पहले अरियांव गांव निवासी शिव कुमार कानू से 48 हजार रुपये उड़ाने की घटना का भी खुलासा हुआ है। शिव कुमार डुमरांव के राजगढ़ स्थित पीएनबी बैंक से रुपये निकालकर टेंपो स्टैंड पहुंचे थे।

इसी दौरान दो युवक उनके साथ वाहन में बैठ गए और डीएवी स्कूल के पास उनकी शर्ट की जेब से रुपये निकालकर फरार हो गए थे।इसके अलावा तिलक राय के हाता थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी रामेश्वरी देवी से 40 हजार रुपये छीनने की घटना में भी गिरोह की भूमिका सामने आई है। महिला सिमरी स्थित बैंक से पैसे निकालकर घर लौट रही थीं, तभी रास्ते में उनसे रुपये गायब कर दिए गए थे। इन घटनाओं के बाद पुलिस लगातार गिरोह की तलाश में जुटी हुई थी।पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर एक अन्य सहयोगी को भी पकड़ा और उसके पास से नकदी बरामद की। जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है।

धानु कुमार के खिलाफ कुचायकोट थाना में कांड संख्या 362/25 दर्ज है, जबकि विक्की तिवारी पर मांझी थाना में कांड संख्या 49/19 पहले से दर्ज है।इस कार्रवाई में डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में एसआई मंगल भूषण पासवान, एसआई प्रियंका कुमारी, पीएसआई शैलेश कुमार शर्मा और डीआईयू टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साथ ही बैंक और उसके आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।