गुरु पूर्णिमा पर गंगा में डूबे तीन युवक, दो की मौत, एक को महिलाओं ने साड़ी फेंककर बचाया जीवन
गुरु पूर्णिमा जैसे पवित्र अवसर पर बुधवार की सुबह बक्सर जिले के सिमरी अंचल में एक हृदयविदारक हादसा हो गया। श्रद्धालु जहां पुण्य स्नान में मग्न थे, वहीं तिलक राय के हाता थाना क्षेत्र के स्वामी जी के छोटकी मठिया घाट पर गंगा नदी में तीन युवक स्नान के दौरान तेज धार में बह गए। इस हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीसरे युवक को स्थानीय महिलाओं की सूझबूझ और साहस से बचा लिया गया।

केटी न्यूज/सिमरी
गुरु पूर्णिमा जैसे पवित्र अवसर पर बुधवार की सुबह बक्सर जिले के सिमरी अंचल में एक हृदयविदारक हादसा हो गया। श्रद्धालु जहां पुण्य स्नान में मग्न थे, वहीं तिलक राय के हाता थाना क्षेत्र के स्वामी जी के छोटकी मठिया घाट पर गंगा नदी में तीन युवक स्नान के दौरान तेज धार में बह गए। इस हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीसरे युवक को स्थानीय महिलाओं की सूझबूझ और साहस से बचा लिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, सिमरी दूधीपट्टी गांव निवासी मुन्ना यादव (24 वर्ष) पिता जगदीश यादव, मोहम्मद सोनू (22 वर्ष) पिता मोहम्मद वसीर मियां, और निलेश कुमार (23 वर्ष) पिता रामाशंकर यादव, सभी ई-रिक्शा से महिलाओं को लेकर गंगा स्नान कराने छोटकी मठिया घाट पहुंचे थे। स्नान के दौरान तीनों युवक अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए और अचानक तेज बहाव में डूबने लगे।

घटना को देखकर स्नान कर रहीं महिलाओं में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार के बीच एक महिला ने अदम्य साहस दिखाते हुए अपनी साड़ी नदी में फेंक दी। साड़ी के सहारे सोनू कुमार को किनारे तक खींच लिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। लेकिन मुन्ना यादव और निलेश कुमार तेज धारा में बह गए और गंगा की लहरों में समा गए।

घटना की सूचना मिलते ही राजपुर परसन पाह पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव मौके पर पहुंचे और अंचलाधिकारी भगवती शंकर पांडे को सूचना दी। प्रशासन ने तुरंत छह गोताखोरों की टीम भेजी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शवों को बाहर निकाला गया।घटनास्थल पर थाना प्रभारी पूजा कुमारी, एसआई रजनीश कुमार सहित पुलिस बल ने पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बक्सर सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं घायल सोनू को प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गंगा घाटों पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था, स्नान के दौरान निगरानी और गोताखोरों की तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
