ट्रैक पर पड़ा रहा महिला का शव, क्षेत्राधिकार की खींचतान में उलझी पुलिस
डीडीयू-पटना रेलखंड के डुमरांव स्टेशन के समीप शुक्रवार सुबह मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। सुबह करीब 6.40 बजे पोल संख्या 647/3028 के पास 30 वर्षीय अज्ञात महिला का शव रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और रेलयात्री द्रवित हो उठे, लेकिन पुलिस और जीआरपी की क्षेत्राधिकार की खींचतान के कारण शव करीब 10 घंटे तक ट्रैक पर पड़ा रहा।

केटी न्यूज/डुमरांव
डीडीयू-पटना रेलखंड के डुमरांव स्टेशन के समीप शुक्रवार सुबह मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। सुबह करीब 6.40 बजे पोल संख्या 647/3028 के पास 30 वर्षीय अज्ञात महिला का शव रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत हालत में मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और रेलयात्री द्रवित हो उठे, लेकिन पुलिस और जीआरपी की क्षेत्राधिकार की खींचतान के कारण शव करीब 10 घंटे तक ट्रैक पर पड़ा रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची, लेकिन आउटर सिग्नल के बाहर का क्षेत्र बताते हुए कार्रवाई से पीछे हट गई। दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस भी जिम्मेदारी लेने में हिचकिचाती रही। नतीजतन, कई ट्रेनें वहां से गुजर गईं और लोग शव को देखकर गुजरते रहे, मगर उसे हटाने की पहल कोई नहीं कर सका।
मानवीय संवेदनहीनता का यह दृश्य क्षेत्रवासियों में आक्रोश का कारण बन गया। लोगों का कहना था कि तकनीकी बहस से अधिक महत्वपूर्ण मृत इंसान की गरिमा और संवेदना होती है। प्रशासनिक खींचतान ने मृतका के प्रति अनादर का परिचय दिया।आखिरकार शाम को नया भोजपुर थाना पुलिस आगे आई और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कराई। थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि मृतका की पहचान कराने की कोशिश की जा रही है,
परंतु अभी तक नाम-पता स्पष्ट नहीं हो पाया है। वहीं, इस संबंध में बक्सर जीआरपी प्रभारी विजेंद्र कुमार ने कहा कि हमारी टीम मौके पर गई थी, लेकिन घटना आउटर सिग्नल से बाहर होने के कारण यह क्षेत्र स्थानीय पुलिस के अधिकार में आता है।यह घटना न केवल पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।